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प्रशिक्षुओं ने खेलों में दिखाई प्रतिभा, किया शानदार प्रदर्शन

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सोनभद्र। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बीटीसी व डीएलएड प्रशिक्षुओं की दो दिवसीय जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता सोमवार से शुरू हो गई। यहां प्रशिक्षुओं ने विभिन्न खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा दिखायी। दौड़, कबड्डी, एथलेटिक्स आदि की प्रतियोगिताएं हुईं। छात्राओं ने यहां रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति की।
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खेल कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक अमरनाथ वर्मा, विशिष्ट अतिथि संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल कामता राम पाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलित कर किया। डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप, बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने अतिथियों को स्मृति चिह्न व शॉल भेंट किया। जिले के 15 कालेजों के छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से अपने-अपने कालेज के झंडों के साथ पूरे स्टेडियम में मार्च पास्ट किया। सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को खेलकूद की शपथ भी दिलाई गई। डीएवी स्कूल के बच्चों ने बैंडबाजे के साथ मार्च पास्ट की अगुवाई की।
इसके पूर्व गुब्बारा व कबूतर छोड़कर सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत की गई। विंध्य कन्या महिला पीजी कालेज की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा के निदेशक अमरनाथ वर्मा ने कहा कि प्रदेश में पहली बार परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति से पूर्व बीटीसी डीएलएड का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं के लिए राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। बीटीसी प्रशिक्षु प्रशिक्षण के साथ ही कुश्ती भी लड़ेंगे, क्रिकेट भी खेलेंगे। डायट प्राचार्य राजेंद्र प्रताप ने कहा कि छात्र जीवन में खेलों का काफी महत्व है। खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। सभी को भविष्य में शिक्षक बनना है। ऐसे में उन पर जिम्मेदारी होगी कि वे अपने विद्यालय में छिपी प्रतिभाओं को उजागर करने के लिए उनकी प्रतियोगिताएं कराएं ताकि उनको तराशा जा सके।
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बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने कहा कि खेलकूद प्रतियोगिताओं का समय-समय पर आयोजन होना जरूरी है। ये ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को उभारने में सहायक साबित होती है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा के साथ जीवन में खेल जरूरी है। खेलों से शारीरिक विकास होता है। यहां डीआईओएस, प्रवक्ता नंदलाल सिंह, मनोहर प्रसाद, अशोक सिंह, विमल शर्मा, अमर सिंह, शंकर राम, रामकिशुन, बृजबाला, संजय सिन्हा, मंगलाशंकर त्रिपाठी, राकेश सिंह मौजूद रहे।
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