शक्तिनगर। सरकार के लाख दावों के बावजूद बिजली विभाग (यूपीपीसीएल) में सबकुछ अपने हिसाब से चल रहा है। हालत यह है कि उपभोक्ता अपनी बातों को अधिकारियों तक नहीं पहुंचा सके इसके लिए सब स्टेशन पर दर्ज अफसरों के नंबरों पर कालिख पोत दी गई है।
क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुधरने के बजाय बिगड़ती जा रही है। बिजली संबंधी शिकायत दर्ज नहीं होती, बिना आईडी कार्य अंजाम दे रहे कथित संविदा कर्मियों की मनमर्जी के आगे कायदे पस्त तो जिम्मेदार मस्त है। कोटा सब स्टेशन से दर्जन भर गांवों के साथ कई कस्बों व बाजारों को बिजली आपूर्ति होती है, इसके बाद भी उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज करने व उसे चरणबद्ध तरीके से निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। यह काम संविदा कर्मी संभालते है और पैसे से वरियता तय करने के बाद कटियामारों की समस्या पहले व वैध उपभोक्ताओं की परेशानी बाद में दूर की जाती है। हद तो तब हो गई जब सब स्टेशन पर दर्ज जिम्मेदारों के नंबरों पर कालिख पोत दी गई। कालिख किसने व क्यों पोती यह तो जांच का विषय है, लेकिन क्षेत्र के रहवासी शिवम कुमार, आशीष चौबे, धमेंद्र व कमलेश कुमार का कहना है कि यह काम कुछ लोगों के इशारे पर कथित संविदा कर्मियों ने किया ताकि क्षेत्र के उपभोक्ता संविदा कर्मियों व निचले स्तर के अधिकारियों की मनमानी व अपनी समस्या अफसरों तक नहीं पहुंचा सके। जिन अधिकारियों के नंबरों पर कालिख पोती गई है उसमें यूपीपीसीएल के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित कई अधिकारी शामिल है। इस मसले पर सब स्टेशन पर तैनात लोग कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
कालिख पोतने की बात हमारी तैनाती से पहले की है। उपभोक्ताओं की समस्या दर्ज करने के लिए फिलहाल एक व्यक्ति नियुक्त कर दिया गया है। संबंधित व्यक्ति सुबह 10 से शाम 5 बजे तक अपनी समस्या दर्ज करा सकते है। दर्ज शिकायतों का निबटारा तरीके से कराया जाएगा। -वीके सिंह, जेई, यूपीपीसीएल, शक्तिनगर/ अनपरा क्षेत्र।