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अब स्कूलों में बच्चों को मिलेगा पका-पकाया गर्म भोजन

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सोनभद्र। जिले में कई माह से बंद हॉटकुक्ड योजना एक बार फिर शुरू होने जा रही है। अबकी बार इस योजना का संचालन ग्राम प्रधान और आंगनबाडी कार्यकर्ती के संयुक्त खाते से होगा। इसके तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को पका-पकाया गर्म भोजन दिया जाएगा। डीपीओ ने सभी सीडीपीओ को संयुक्त खाता खुलवाने का निर्देश दे दिया है।
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वर्ष 2017-18 के के आकड़ों पर गौर करें तो राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में 1825 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे थे। इन केंद्रों पर लगभग 230527 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 56211 बच्चे कुपोषित एवं लगभग 13 हजार अतिकुपोषित बच्चे हैं। केंद्रों पर करीब 24 हजार गर्भवती महिलाएं भी पंजीकृत हैं। पिछली सपा सरकार ने कुपोषित बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए हौसला पोषण योजना की शुरूआत की थी। इस योजना के तहत अतिकुपोषित प्रतिदिन बच्चों को 20 ग्राम देशी घी, प्रोटीनयुक्त पाउडर, बच्चों को गरमा गरम भोजन देने की व्यवस्था थी। एनजीओ के माध्यम से पका पकाया भोजन दिया जाता था। लेकिन वर्ष 2017 में प्रदेश मेें भाजपा सरकार बनते ही हौसला पोषण योजना को बंद हो गई। हालांकि प्रदेश सरकार ने पुन: आंगनबाड़ी केंद्रों पर अध्ययनरत तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को पका पकाया भोजन देने का निर्णय लिया है। लेकिन इस बार एनजीओ के माध्यम से नहीं, बल्कि प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से बच्चों को गरमा गरम भोजन देेने की व्यवस्था की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संयुक्त रूप से हाटकुक्ड निधि के नाम से खाता खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हाटकुक्ड के लिए उक्त खाते में धन भेजा जाएगा, ताकि बच्चों को गुणवत्तायुक्त पका पकाया भोजन मिल सकें। कहा कि एनजीओ द्वारा मीनू के अनुसार भोजन न दिए जाने की अक्कसर शिकायत मिलती थी।
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