सोनभद्र। राजकीय अस्पतालों में जल संकट उत्पन्न हो गया है। पानी के लिए मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटक रहे हैं। जिला अस्पताल में लगा आरओ प्लांट शोपीस बना हुआ है। ऐसे में लोगों को पानी बाहर से खरीदना पड़ रहा है। यही हाल सीएचसी एवं पीएचसी का भी है।
जिला अस्पताल परिसर में एक हैंडपंप लगा है और दो बोरिंग में सबमर्सिबल लगा है। बोरिंग से पाइप लाइन के जरिए अस्पताल में पेयजलापूर्ति की जाती है। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ प्लांट भी लगा है। लेकिन आरओ से शुद्ध शीतल पेयजल नहीं निकल रहा है। जरूरत के अनुसार बोरिंग और हैंडपंप से पानी नहीं दे रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचे देवरी गांव निवासी रामेश्वर तिवारी एवं बढ़ौली के रहने वाले रमाकांत ने कहा कि हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं है। आरओ प्लांट से नाममात्र का पानी गरम निकलता है। सिकरवार गांव निवासी संगीता, जमुगाई गांव निवासी अजय ने कहा कि जिनके पास रुपये हैं, वे लोग दुकान से बोतल का ठंडा पानी क्रय कर सकते हैं। नधिरा गांव की रहने वाली रेनू और रजधन की रहने वाली तारा ने कहा कि अस्पताल में रोगियों के लिए ठंडे पानी का भी इंतजाम नहीं है। रोगियों/तीमारदारों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अधिकांश बाथरूम और शौचालय की टोटी गायब है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीबी गौतम ने कहा कि गर्मी के चलते जलस्तर नीचे चले जाने से बोरिंग से पानी कम निकल रहा है। रोगियों/तीमारदारों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। जल्द ही आरओ प्लांट की मरम्मत करवाई जाएगी।
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दूषित पानी पीना मजबूरी
सोनभद्र। सीएचसी, पीएचसी और न्यू पीएचसी पर रोगियों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वैनी में बोरिंग में सबमर्सिबल लगाकर टंकी में पानी भरा जाता है। क्योंकि यहां आरओ प्लांट नहीं है। अस्पताल में लगी अधिकांश टोटियां टूट गई हैं। यही हाल अन्य अस्पतालों का है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि सभी सीएचसी/पीएचसी प्रभारियों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।