सोनभद्र। किसान सेवा सहकारी समिति करमा के क्रय केंद्र फुलवारी समेत कई केंद्रों पर गेंहू की खरीद बंद हो गई है। केंद्रों पर क्रय कर रखे गए अधिकांश गेहूं की डिलेवरी न होने से समस्याएं उत्पन्न हुई। गेहूं खरीद बंद होने से किसान परेशान हो गए हैं। केंद्र प्रभारियों ने उच्चाधिकारियों को गेहूं का उठान न होने से क्रय करने में हो दिक्कतों से अवगत करा दिया है।
शासन स्तर से जिले में वर्ष 2018-19 मेें 44500 मीट्रिक टन गेहूं क्रय करने का लक्ष्य मिला है। गेहूं खरीद के लिए राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में 68 क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से गेहूं खरीद हो रही है। इन केंद्रों पर 15 जून तक खरीद करना है। लक्ष्य के सापेक्ष सोमवार तक करीब 43000 एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। वर्तमान में क्रय केंद्रों पर काफी संख्या में किसान गेहूं बेचने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे है।
केकराही: किसान सेवा सहकारी समिति करमा के अंतर्गत संचालित क्रय केंद्र फुलवारी में गेंहू की खरीद बंद होने से किसान परेशान हो गए है। समिति के सचिव विनोद कुमार ने बताया की 162 किसानों 8931.50 कुंतल गेंहू खरीदा गया है, जबकि डिलेवरी मात्र 3975 कुंतल हो पाई है। शेष 4950.50 कुंतल गेंहू केंद्र पर पड़ा है। जगह के अभाव में खरीद ठप कर दी गई है। गेंहू की डिलीवरी होने पर खरीद शुरू हो जाएगी। करमा क्रय केंद्र पर 180 किसानों का 7550 कुंतल गेंहू खरीदा गया, लेकिन 5140 कुंतल ही डिलीवरी हुई है। क्रय केंद्र पापी पर 173 किसानों का 12150.50 कुंतल खरीद हुई है, इसमें से 5348 कुंतल की डिलीवरी हुई है। किसान सेवा सहकारी संघ केकराही के सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 168 किसानों का 8830.50 कुंतल गेंहू खरीदा गया है, जिसमें से 5750 कुंतल डिलीवरी हुई है। उधर क्षेत्रीय किसान कमला शंकर त्रिपाठी, नरायन दत्त, राजनाथ, रामआशीष, मोहन, नंदलाल ने कहा कि केंद्रों पर किसानों का गेहूं लेना बंद कर दिया गया है। अगर 15 जून तक केेंद्रों पर किसानों का गेहूं नहीं बिका तो मजबूरी में कम दामों पर व्यापारियों को विक्रय करना पड़ेगा।
क्रय केेेंद्रों पर डंप गेहूं को गोदामों पर भेजवाने का कार्य कराया जा रहा है। ताकि 15 जून तक सभी किसानों का सरकारी दर पर गेहूं खरीद किया जा सकें। गेहूं विक्रय करने के दौरान किसानों को किसी प्रकार की समस्याएं न होने पाएं, इसके लिए केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है। -उमाकांत तिवारी, अपर जिलाधिकारी सोनभद्र