अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी दिवस और गंगा सप्तमी के अवसर पर स्थानीय वन विभाग के रेंज कार्यालय परिसर में रविवार को गोष्ठी कर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया गया। पौधरोपण कर जंगल को कटान से मुक्त करने का भी संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष इम्तियाज अहमद ने कहा कि पृथ्वी दिवस पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि अपने-अपने घरों में एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देंगे। ओबरा वन प्रभाग के डीएफओ अमरबहादुर सिंह ने बताया कि पृथ्वी बहुत व्यापक शब्द है। जिसमें जल, हरियाली, वन्यप्राणी, प्रदूषण और इससे जु़ड़े अन्य कारक भी मौजूद हैं। धरती को बचाने का आशय है इसकी रक्षा के लिए पहल करना। न तो इसे लेकर कभी सामाजिक जागरूकता दिखाई गई और न ही राजनीतिक स्तर पर कभी कोई ठोस पहल की गई।
रेंजर महेन्द्र यादव ने कहा कि धरती को बचाने का आशय है इन सभी की रक्षा के लिए पहल करना। लेकिन इसके लिए किसी एक दिन को ही माध्यम बनाया जाए, यह उचित नहीं है। हर दिन को पृथ्वी दिवस मानकर उसके बचाव के लिए कुछ न कुछ उपाय करते रहना चाहिए।
इस मौके पर आमिल बेग, सर्वजीत यादव, मंसूर आलम, जितेन्द्र पासवान, विनित कुमार, रमापति दुबे, अनिल सिंह, दिनेश यादव, दीपक केशरी, इंदल मौर्या मौजूद रहे।
पौधरोपण कर किया जागरूक
दुद्धी। पृथ्वी दिवस के अवसर पर रजखड़ स्थित अष्टकोणीय थाना परिसर में रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल डा. अवधेश सिंह व प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार यादव ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया। अन्य पुलिस अधिकारियों ने कोतवाली परिसर में नीम, आम सहित अन्य दर्जनों पेड़ लगाए। पौधरोपण के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाली का निरीक्षण किया। इस मौके पर एसएसआई राजेश सिंह, एसआई स्वामीनाथ सहित अन्य पुलिस कर्मचारीगण मौजूद रहे।
सोनभद्र। आल नेचर्स क्लाइमेट इनवायरमेंटल सोसाइटी की पृथ्वी दिवस पर रविवार को कैमूर वन्य क्षेत्र गुर्मा में बैठक हुई। इस दौरान पर्यावरण के बिगड़ते स्वरूप पर चिंता जताई गई। सोसाइटी के प्रबंधक शेख कलीम ने कहा कि सोनांचल में लगातार पेड़ों के कटने से वनों का दायर घटता जा रहा है। कहा कि जंगली जानवर पेयजल के लिए भटक रहे हैं। वनों का दायरा सिमटने तथा प्रकृति से छेड़छाड़ से दिन ब दिन ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ता जा रहा है। जनसंख्या की बढ़ोत्तरी ने भी प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ लाद दिया है। संसाधनों के सही इस्तेमाल, ज्यादा से ज्यादा पौधों के रोपण और पेड़ों को संरक्षण को लेकर लोगों को लगातार जागरूक करते रहने की जरूरत है। अध्यक्षता कर रहे अनिल गिरि ने पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राचीन संस्कृति, परंपराओं के संरक्षण और उसे पूर्व की भांति अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर पवन कुमार पटेल, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, पूनम, संतोष सिंह श्रीनेत, मुन्ना विश्वकर्मा, चंदा भारती, शशि पटेल, मन्नू पटेल, राजाराम बैगा आदि मौजूद रहे।
बभनी। ब्लॉक सभागार में पृथ्वी दिवस एवं गंगा सप्तमी पर हरितिमा कार्यक्रम के तहत रविवार को गोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि रेणुकूट के प्रभागीय वनाधिकारी एके सिंह ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी को हराभरा बनाना और वृक्षों के प्रति लोगों को जागरूक करना है ।
उन्होंने ने कहा कि विकास के नाम पर जंगलों का कटान नही होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन मे एक पेड़ जरुर लागाए, ताकि आने वाली नई पीढी को कम से कम स्वच्छ वातावरण मिल सकें। पेड़ लगाए, पेड़ बचाये तभी पृथ्वी जीवन रहेगा। पौध ंलगाना वन विभाग की नहीं सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित वृक्षारोपण योजना, मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना, सामुदायिक वृक्षारोपण योजनाएं मुख्य हैं। जिससे लोग ज्यादा वृक्ष लगायें और जल संकट से बचा जा सकें। प्रमोद चौबे, मुनिस खान, काजल देवी, प्रमोद दूबे ने विचार रखा। दक्षिणाचल ग्रामोदय इंटर कालेज की बालिकाओं ने वृक्ष को बचाने के लिये कई मॉडल पेपर प्रस्तुत किया। बभनी के वन क्षेत्राधिकारी बृजेश पाण्डेय ने कसहा कि वृक्ष का हमारे जीवन की लाईफ लाइन हैं। इस मौके पर एसडीओपी नागेन्द्र सिह, डिप्टी रेंजर विजेंद्र सिहं, दिवाकर दूबे, एडीओ कृषि सूर्यभान सिंह, ग्राम प्रधान राजनरायन, दिनेश गुप्ता, पीडी जयसवाल, सवितेन्द्र कुमार, अजय यादव, शंभू, जावाहिर आदि मौजूद रहे।
प्रदीप चौबे