सोनभद्र (ओबरा)। तापीय परियोजना के विस्तारीकरण के तहत लगाई जा रही 660 मेगावाट की दो इकाइयों की जद में आने वाली सेक्टर छह स्थित परियोजना की जमीन पर बने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के आवास सहित अवैध आवासों पर सोमवार को प्रशासन ने ढहवा दिया। भारी पुलिस बल सहित पीएसी की मौजूदगी में चलाए गए अभियान से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, अतिक्रमण कर अवैध बनाए गए झोपड़ियों की महिलाओं ने ध्वस्तीकरण के कार्य को रोकवाने का भरपूर प्रयास किया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए लगभग तीन दर्जन से अधिक मकानों के दरवाजे सहित दीवारों को तोड़वा दिया। इस दौरान कई अतिक्रमणकारियाें ने अधिकारियों से अनुरोध कर एक सप्ताह का समय अतिक्रमण हटाने के लिए मांगा है।
एसडीएम सदर विशाल यादव एवं ओबरा सीओ डॉ.केजी सिंह सहित परियोजना के अधिकारियों ने वार्ता कर आगामी रविवार तक झोपड़ी खाली करने का निर्देश देते हुए ध्वस्तीकरण का कार्य रोकवा दिया। इससे झोपड़ीवासियों ने राहत महसूस किया। ओबरा सी परियोजना की जद में आने वाले झुग्गी झोपड़ियों के निवासियों को जिला प्रशासन एवं परियोजना के अधिकारियों ने कई बार झोपड़ी हटाने का समय दे चुका है। इसके बावजूद झोपड़ियों को नहीं हटने से सी परियोजना के कार्यों में विलंब हो रहा है। इसके बावजूद झुग्गी झोपड़ी वाले परियोजना प्रशासन से कहीं अन्यत्र जमीन देकर बसाने की मांग करते हुए झोपड़ी हटाने को तैयार नहीं हो रहे थे। दो दिन पूर्व डीएम पीके उपाध्याय एवं एसपी आरपी सिंह ने भी उक्त स्थान का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाए जाने का आदेश संबंधित अधिकारियों को दिया था। प्रशासन के कड़े रुख के आगे झोपड़ीवासियों ने एक सप्ताह के अंदर खाली करने का वादा किया है। इस दौरान नायब तहसीलदार पवन सिंह, अधीक्षण अभियंता आरके सिंह, अधिशासी अभियंता राजीव कुमार, आरपी मल्ल, अजय कुमार राय, अतुल यादव, ओबरा तापीय परियोजना के सिक्योरिटी इंचार्ज एसके सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान मौजूद रहे।