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... तो सोनांचल में सोने से भी महंगा बिकेगा बालू

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सोनभद्र। पूर्वांचल में लाल बालू की अधिकांश खेप सोनांचल से पूरी होती है। लेकिन सूबे में सरकार बदलने के बाद बालू साइट पर कड़ाई और लाइसेंस नवीनीकरण ने बालू के दाम आसमान पर पहुंचा दिया। शनिवार को सात बालू साइट के लिए 1065 से 1365 रुपये प्रति घन मीटर के दर से बालू का टेंडर खुला। यह दर पिछले छह माह पूर्व हुए टेंडर की दर से तीन गुना अधिक है। अभी 27 से 30 दिसंबर तक इन सातों लाट की बोली होगी। इसमें पांच बड़े टेंडर डालने वालों को शामिल किया जाएगा। इस बोली के बाद बालू के दाम और भी बढ़ने की संभावना है।
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गिट्टी-बालू सस्ता होगा, हर गरीब का घर पक्का होगा, का नारा देकर सत्ता में आई भाजपा के शासन में फिलहाल बालू का दाम कम होने की संभावना नहीं दिख रही। सपा सरकार में वीआईपी वसूली के दौरान भी बालू का दाम उतना नहीं था, जितना भाजपा की सरकार बनने के बाद हुआ है। एक माह पूर्व शासन से सात बालू साइटों की नीलामी होने की जानकारी आई थी तो लोगों में उम्मीद जगी कि अब बालू का दाम सस्ता हो जाएगा। लेकिन नये टेंडर की प्रक्रिया ने उम्मीदों पर विराम लगा दिया। नवंबर में बालू की साइट के लिए टेंडर प्रकाशित हुआ। इसमें खेवंधा और बरहमोरी की तीन लाट और खोखा की एक लाट के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया था। इसके लिए 18 नवंबर को प्रति लाट करीब 90 लाख रुपये की धनराशि जमा कराई गई थी। इसके बाद 19, 20, 21 और 22 नवंबर को टेंडर हुआ था। फिर 23 नवंबर को हुई स्क्रूटनी में टेंडर डालने वाले शीर्ष पांच लोगों का नाम आया। अब इन पांच लोगों के बीच बालू के लाट के लिए 27, 28, 29 और 30 दिसंबर को बोली लगेगी। 31 दिसंबर को सर्वाधिक बोली लगाने वाले के नाम पर मुहर लगेगी। ऐसे में बोली के बाद बालू के दाम और भी बढ़ जाएंगे। पिछले छह माह पूर्व खेवंधा की साइट पर 201 से 615 रुपये प्रति घनमीटर टेंडर हुआ था तब भी लोगों के लिए बालू काफी महंगा था। लेकिन अब इन्हीं साइटों पर 1065 और 1365 प्रति घन मीटर का टेंडर होने से बालू का दाम तीन गुना से अधिक हो जाएगा। इससे आम लोगों को सस्ते में बालू-गिट्टी मिलने की उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा।
जिले की सात बालू साइटों का टेंडर प्रकाशित होने के बाद यहां बड़े-बड़े ठेकेदार, बाहुबाली और बड़ी बड़ी कंपनियों के लोग बालू की साइटों को देखने आए थे। यूपी का पूर्वांचल खासकर गोरखपुर, गुजरात, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, पंजाब के बड़े ठेकेदार, सेवानिवृत्त अफसर और व्यापारियों के साथ असलहों से लैस होकर लक्जरी वाहन बालू साइटों पर दिखते रहे। आनलाइन टेंडर होने के नाते इन ठेकेदारों ने बालू साइटों पर जाकर स्थिति भी देखी थी।
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