सोनभद्र। सरकार भले ही किसानों के हित मे तमाम योजनाएं चला रही हो लेकिन कोन क्षेत्र के किसान अब भी अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। धान क्रय केंद्र कोन में पिछले दो माह में महज 14 किसानों का ही धान खरीदा जा सका है। जबकि यहां 120 किसानों का पंजीकरण हो चुका है जो अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। धान खरीद में तौल पर दस फीसदी कटौती का आरोप किसानों ने लगाया है और असंतोष जाहिर किया है।यूपी सरकार ने सभी किसानों के धान की खरीद के लिए इस बार खरीद की मात्रा पिछली सरकार की तुलना में बढ़ा दी है। साथ ही सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया है किसानों को खरीद के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन कोन धान क्रय केंद्र पर 120 पंजीकृत किसान अपना धान बेचने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यहां के विजय शंकर जायसवाल, गोपीचंद, महेंद्र विश्वकर्मा, अब्दुल राजिक, हातिम अली समेत दर्जनों किसानों की मानें तो धान बेचने के लिए दो माह पहले ही लैम्पस मे रजिस्ट्रेशन तो करा दिया है, लेकिन आज तक नंबर नही आया। जब भी धान तौलने व पहुंचाने की बात लैम्पस सचिव से पूछा जाता है तो एक ही जवाब मिलता है कि अभी आपका नंबर नही आया है। जबकि एक नवंबर से ही धान खरीद शुरू है। यही नही जिन किसानों का तौल हो गया है, उसमें भी 10 फीसदी की कटौती की जा रही है। बेचने वाले किसानों का कहना है कि प्रति कुंतल दस किलो सुखती काट ली जा रही है। इसके अलावा इसका पैसा कब मिलेगा कोई बताने वाला नही है। क्रय केंद्र सचिव रामकृत पटेल ने बताया कि अभी तक कुल 120 किसान नंबर में हैं और गुरूवार तक महज 14 किसानों का ही धान क्रय किया गया है। बताया कि मील वाले माल नहीं ले जा रहें। जैसे-जैसे धान मील में जायेगा, क्रम से ही खरीद हो पायेगी। कटौती के संबंध मे बताया कि मील वालों ने 67 किलो प्रति कुंतल चावल के अनुसार ही भुगतान देने की बात कही है।