कोल कर्मियों को वेतन और भत्ते के पुनरीक्षण का लाभ एक जुलाई 2016 से मिलेगा। केरल में हुई जेबीसीसीआई टेन की दो दिवसीय बैठक में रविवार को इसको लेकर सहमति बन गई। वेतन-भत्ते के पुनर्निर्धारण के लिए एक उप समिति का भी गठन किया गया। यह समिति एक माह में अपनी रिपोर्ट दे देगी। इसके बाद मार्च में इसको लेकर कलकत्ता-दिल्ली में बैठक होने की उम्मीद है, जिसमें इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा
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एनसीएल जोन की तरफ से बैठक में शामिल रहे अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के उपाध्यक्ष वाईके सिंह ने बताया कि दो दिन तक चली बैठक में मेडिकेयर स्कीम, पेंशन और एसएलपी पर पूरी तरह से सहमति बन गई है। अब सर्विस लिंक प्रमोशन (एसएलपी) के लिए हर बार जेबीसीसीआई की अनुमति नहीं लेनी पड़ेगी। बल्कि प्रत्येक वर्ष जनवरी में यह स्वत: लागू होगा। इस दौरान सात, आठ साल की सेवा पर मिलने वाले लाभ खुद ब खुद कर्मियों को मिल जाया करेंगे।
इसी तरह पेंशन लाभ भी समय-समय पर मिलता रहेगा। इसको लेकर पहले से गठित कमेटी अध्ययन कर जेबीसीसीआई को जल्द विस्तृत रिपोर्ट सौंप देगी। मेडिकेयर स्कीम के बारे में बताया कि कार्यरत कर्मियों के साथ ही सेवानिवृत्त कर्मियों को भी कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों के अस्पतालों में असीमित चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। इसमें ओपीडी के साथ आईपीडी सेवाएं भी शामिल रहेंगी। जेबीसीसीआई के जरिए दसवां वेतन समझौता लागू होना है, जिसके तहत दो बैठकें हो चुकी है।