सोनभद्र । तकनीकी सलाहकार बोर्ड की सिफारिश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 328 फिक्स्ड डोज कांबीनेशन पर रोक लगाई है। इसकी भनक लगते ही गुरुवार की सुबह थोक दवा कारोबारी और मेडिकल स्टोर संचालक पुराना स्टॉक निकालने में जुट गए। हालत यह रही की बुखार, दर्द और डायरिया के मरीजों को दी जाने वाली दवाओं की मांग कई गुना बढ़ गई। इसे देख थोक दवा कारोबारियों ने कुछ दवाओं की बिक्री 10 से 20 फीसदी अधिक रेट पर की।
जिले में मेडिकल स्टोरों की संख्या पांच सौ से अधिक है और जनपद में प्रतिदिन दवा का कारोबार एक करोड़ के आसपास होता है। 328 दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इनकी बिक्री करने पर कार्रवाई होगी। जिन दवाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, मेडिकल स्टोर संचालक उनकी खरीद नहीं कर रहे है। दवा व्यवसायियों को शासनादेश का इंतजार है। इसके बाद पुराने स्टॉक पर निर्णय लिया जाएगा। सोनभद्र केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिऐशन के जिलाध्यक्ष अजय शुक्ला ने बताया कि 328 दवाओं के प्रतिबंधित संबंधी शासनादेश जारी हो गया है लेकिन किन-किन दवाओं को प्रतिबंधित किया गया है, इसकी सूची अभी नहीं आई है। इसे आने में कम से कम चार से पांच दिन लगेगा। बताया कि शासनादेश जारी होने के बाद बाजार में दवाओं को लेकर उथल-पुथल मच गया है। ऐसे हालात में हो सकता है कि कुछ लोग फायद उठाते हो। यह भी बताया कि कुछ कंपनियों ने प्रतिबंधित दवाओं को वापस करने को कहा है। ड्रग्स इंस्पेक्टर संदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि अभी तक विभाग के पास प्रतिबंधित दवाओं की सूची नहीें आई है। सूची आते ही मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर इन दवाओं की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।