सोनभद्र। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद जिले में ओवरलोडिंग पर लगाम नहीं लगने से नाराज डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर डीके त्रिपाठी ने शुक्रवार की देर रात चेक नाकों पर छापा मारा। सुकृत से लेकर मारकुंडी घाटी तक वाहनों की जांच की। इस दौरान दोनों एआरटीओ प्रवर्तन ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे।
डीटीसी के फोन कराने पर अवधेश कुमार ने मोबाइल नहीं उठाया जबकि एसपी सिंह ने बताया कि वह बीमार हैं। रात दो बजे से लेकर चार बजे डीटीसी और मिर्जापुर के आरटीओ सड़क पर वाहनों की जांच करते रहे। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को लगातार शिकायत मिल रही थी कि सोनभद्र में परिवहन विभाग के लोगों की मिली भगत से बालू, गिट्टी लदे ओवरलोड वाहन बैरियर से पार हो रहे हैं। देर रात दो बजे डीटीसी मिर्जापुर के आरटीओ के साथ अचानक जिले में आए। रात करीब सवा दो बजे सुकृत में पीटीओ सीके द्विवेदी वाहनों की जांच करते मिले। रास्ते में ओवरलोड वाहनों का काफिला गुजरता रहा। वाहनों को चेक कर चलान कतरे हुए डीटीसी लोढ़ी स्थित टोल प्लाजा बैरियर पहुंचे। इस दौरान रास्ते में कहीं भी कोई एआरटीओ चेकिंग करते नहीं दिखा। डीटीसी ने एक कर्मचारी से एआरटीओ अवधेश कुमार का लोकेशन लेने के लिए फोन कराया तो उनका मोबाइल रिसीव नहीं हुआ। जब आरटीओ एसपी सिंह को फोन कराया तो उन्होंने बताया कि उन्हें बुखार है। किसी को यह पता नहीं चला कि डीटीसी जिले में मौजूद हैं। डीटीसी ने बताया कि ओवरलोड में 28 वाहनों का चालान किया गया है जबकि 10 वाहन ओवरलोड में सीज किए गए हैं। बताया कि ड्यूटी के प्रति उदासीनता पाई गई है। चेतावनी के बाद भी जिले में ओवरलोड रुक नहीं रहा है। ऐसे में दोनों के खिलाफ शासन को पत्र भेजवा रहे हैं।