सोनभद्र। दिन में देर तक छाए घने कोहरे और बर्फीली हवाओं से ठिठुरन बढ़ गई है। मंगलवार को सुबह दस बजे तक घना कोहरा छाया रहा। वहीं, धूप खिली होने के बावजूद बर्फीली हवाएं चलती रहीं। शीतलहर को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय चार जनवरी तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में यह बंदी सात जनवरी तक प्रभावी रहेगी। राबर्ट्सगंज स्थित सेंट जोसेफ कान्वेंट हाईस्कूल में कक्षा एक से आठ तक के लिए छह जनवरी तक विद्यालय बंद रहेगा।
जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने सीबीएसएससी, आईसीएससी एवं यूपी बोर्ड और बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित राजकीय एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों का चार जनवरी तक अवकाश घोषित कर दिया है। बताते चले कि पिछले कुछ दिनों से जिले में कड़ाके की पड़ रही ठंड को देखते हुए डीएम ने समस्त प्रधानाचार्यों को स्कूलों को बंद कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही स्कूलों के बंद न करने वाले स्कूलों से कड़ाई निपटने का निर्देश दिया है।
नए साल की शुरुआत के साथ ही छह डिग्री से भी नीचे लुढ़के पारे ने जनजीवन को बेहाल कर रखा है। शाम ढलते ही जहां बर्फीली हवाएं घर के बाहर रहना मुश्किल कर दे रही हैं। वहीं दिन में भी बर्फीली हवाएं कंपकंपी छुड़ा रही हैं। मंगलवार को सुबह से ही ठंडक की मार बेहाल किए रही। घने कोहरे के कारण जहां अधिकांश लोग नौ बजे के बाद ही घर से बाहर निकले। वहीं धूप खिलने के बावजूद सर्द हवाओं की मार लोगों को ज्यादातर समय कमरे के अंदर ही बने रहने के लिए विवश किए रही। वहीं दफ्तरों में मौजूद लोग भी अलाव, रूम हीटर आदि के जरिए ठंड से राहत पाने में लगे रहे। यात्रा कर रहे लोगों को भी खासी फजीहत झेिलनी पड़ी। गर्म कपड़ों से ढंके होने के बावजूद कंपकंपी छूटती रही।
उधर, चोपन संवाददाता के अनुसार कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। एक तरफ आम आदमी की दिनचर्या जहां प्रभावित हो हुई है वहीं दूसरी तरफ इसका असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। इसमें सर्वाधिक ट्रेनें शामिल हैं। जिनकी रफ्तार आम दिनों की तुलना में काफी कम हो गई है। पिछले दो दिनों में करीब छह ट्रेनें कई घंटों की देरी से संचालित हुईं। वहीं अन्य ट्रेनों की लेटलतीफी जारी है।
चोपन स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनें भी कोहरे की वजह से कई-कई घंटे लेट गंतव्य की तरफ रवाना हो रही हैं, जिससे कि यात्रियों की काफी फजीहतों झेलनी पड़ रही है। मंगलवार को बरेली-लखनऊ त्रिवेणी एक्सप्रेस लगभग तीन घंटा, जबलपुर से चलकर हावड़ा जाने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस एक घंटा, हावड़ा से चलकर जबलपुर जाने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस दो घंटा, जम्मू से चलकर हटिया जाने वाली मूरी एक्सप्रेस 12 घंटा, हटिया से चलकर जम्मू तक जाने वाली मूरी एक्सप्रेस पांच घंटा विलंब से चोपन पहुंची। वहीं बरवाडीह-चुनार पैसेंजर एवं वाराणसी-सिंगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस मंगलवार को रद्द रही। बताते दें कि रेलवे की दुर्घटनाओं को देखते हुए ट्रेनों की रफ्तार पहले से ही कम कर दी गई है। ऐसे में अब कोहरे ने और भी ज्यादा असर डाला है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण पिछले एक सप्ताह से ट्रेनें कई-कई घंटों की देरी से चल रही हैं। जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। यहां कि कई यात्रियों ने ट्रेनों से यात्रा करना तक रद्द कर दिया है।