सोनभद्र। जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर एमएम -11 परमिट की स्कैनिंग कर बालू-गिट्टी का परिवहन करने वालों के खिलाफ अब गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डीएम पीके उपाध्याय ने समस्त क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित कर दिया है। वर्ष 2015 से अब तक जिन लोगों के खिलाफ परमिट स्कैनिंग कर ओवरलोड वाहनों का संचालन करने का मुकदमा दर्ज हुआ है, पुलिस ने उनकी भी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने अवैध बालू, गिट्टी का खनन एवं एमएम 11 परमिट का स्कैनिंग कर परिवहन करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक मार्च 2017 से 31 दिसंबर 2017 तक करीब 40 मुकदमे में राबर्ट्सगंज कोतवाली, चोपन, ओबरा समेत अन्य थानों क्षेत्रों में अवैध खननकर्ताओं, मोटर चालकों के खिलाफ धोखधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। बावजूद इसके पूरी तरह से परमिट के स्कैनिंग करने और ओवरलोड परिवहन कार्य नहीं रूक रहा। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पुलिस प्रशासन को अवैध खनन, परमिट स्कैनिंग और ओवरलोड वाहनों का संचालन कराने वालों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। एसपी आरपी सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को एक जनवरी 2015 से अब तक जिन लोगों के खिलाफ परमिट स्कैनिंग, ओवरलोड वाहनों का संचालन एवं अवैध खनन करने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है उनकी सूची तैयार कर वर्तमान गतिविधियों की जांच करने का निर्देश दिया है। एसपी आरपी सिंह ने कहा कि अवैध खनन, परिवहन और परमिट स्कैनिंग करने वाले आरोपियों की कुंडली तैयार कराई जा रही है। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी जिनकी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ है, उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।