म्योरपुर(सोनभद्र)। ब्लॉक क्षेत्र स्थित सामाजिक संस्था बनवासी सेवा आश्रम के प्रांगण में रविवार को पंचायत प्रतिनिधियों के दो दिवसीय प्रशिक्षण का आगाज हुआ। प्रशिक्षण का उद्घाटन तीसरी सरकार के संयोजक और नेहरू युवा केन्द्र के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक डॉ. चंद्रशेखर प्राण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पहले दिन गांव, ग्राम पंचायत और ग्रामसभा के कार्यों एवं गठन के बारे में जानकारी दी गयी। इसके अलावा पंचायत के भूमिका की जानकारी भी दी गयी।
मुख्य अतिथि चंद्रशेखर प्राण ने कहा कि आदिम जमाने से हमारा गांव पंचायत के द्वारा संचालित रहा। जहां सभी निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाता था, लेकिन अंग्रेजों ने 1920 और 1925 के बीच पंचायत को कानूनी दर्जा दे दिया। कहा बाद में 1989-90 में पुन: पंचायत को अधिकार दिए गए। उन्होंने कहा कि गांव की व्यवस्था आपस में मिलकर गांव को मजबूत बनाती है और यह प्रेम भाईचारा पर टिका है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सभा जिस दिन स्वयं निर्णय लेने लगे और अपनी जिम्मेदारी उठा लेगा उस दिन ग्राम स्वराज्य आएगा। कहा कि सरकार पारदर्शिता लाना चाहती है, जिसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई है, जिसे देखकर आप अपने पंचायत की पूरी जानकारी ले सकते हैं। कार्यक्रम में शुभा प्रेम, केवला दुबे, रमेश, शिव नारायण, उमेश चौबे, आदेश, चमेली, सद्दाम, बलवंत, बुधनाथ, देवीदयाल, प्रधान छोटकी देवी, चंद्रावती समेत 40 सदस्य और प्रधान उपस्थित रहे।