साढ़े चार वर्ष पहले किशोरी (16) का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। शनिवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उस पर 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 8 जनवरी 2021 को थाने में तहरीर दी थी।
अवगत कराया था कि उसकी बेटी (16) पांच जनवरी की सुबह घर से शौच के लिए निकली थी। इसके बाद वापस नहीं लौटी। कई जगहों पर खोजबीन की गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान औरैया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के सैनपुर निवासी इमरान का नाम प्रकाश में आया। वह पीड़िता के चचेरे भाई के साथ दुद्धी में मजदूरी करता था। इसी दौरान वह पीड़िता के संपर्क में आया और उसे बहला-फुसलाकर ले गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए किशोरी को खोजा। पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर इमरान को दोषी पाते हुए 20 साल की सजा सुनाई। 40 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।