सोनभद्र। किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई है। उस पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने ढाई साल में मामले की सुनवाई पूरी करते हुए यह फैसला दिया। इस दौरान नौ गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, बभनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी बेटी (17) बभनी स्थित एक कंप्यूटर सेंटर में काम करती थी। वह 5 मई 2022 को सुबह 9 बजे कंप्यूटर सेंटर जाने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं आई। खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। बाद में पता चला कि संतोष कुमार खरवार बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। वह उसे दिल्ली ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने 18 मई को अपहरण का केस दर्ज किया। बाद में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा भी बढ़ाई गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने, 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद संतोष खरवार को दोषी करार दिया। उसे 20 वर्ष के कठोर कैद और डेढ़ लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख 20 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।