शादी का झांसा देकर किशोरी से दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने के मामले में कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए उस पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद होगी। अर्थदंड की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मिलेंगे। अभियोजन के मुताबिक हाथीनाला थाना क्षेत्र के एक गांव में अक्तूबर 2023 की है।
पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बेटी (17) को गांव के ही एक युवक ने बहला-फुसलाकर अपने प्रेम में फंसाया। शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। बेटी के गर्भवती होने पर शादी से मुकर गया।
जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। इससे बेटी की तबीयत बिगड़ गई। किसी तरह निजी अस्पताल में उपचार कराकर उसकी जान बचाई गई। आरोपी युवक और उसके परिवार के अन्य लोग लगातार धमकी भी दे रहे हैं।
एसपी के आदेश पर हाथीनाला थाने की पुलिस ने 14 अक्तूबर 2023 को मुख्य आरोपी, उसके भाई और मां के विरुद्ध केस दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावलियों के अवलोकन के बाद आरोपी चंद्रबली को घटना में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।