सोनभद्र। अपराधिक घटना हो या कोई अन्य समस्या अब पुलिस अधिकारी पुलिस मित्र (एस-10) सदस्यों से संवाद कर उसका निस्तारण करेंगे। चोरी, लूट समेत अन्य अपराधिक घटनाएं होगी तो अपराधियों की तत्काल धर पकड़ के साथ ही पीड़ित परविार को राहत पहुंचाई जाएगी। यह सब काम जिले में तैनात होने जा रहे 14030 पुलिस मित्रों के जरिए किया जाएगा। जरूरत पडने पर थाना प्रभारी से लेकर डीजीपी तक पुलिस मित्रों से संपर्क करेंगे।
जिले में अपराध का सफाया कर जनता के बीच में पुलिस की छवि अच्छी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने जिले के 1403 राजस्व गांवो में 14030 पुलिस मित्र तैनात किए जाएंगे। इसके लिए 18 सितंबर को पुलिस उप महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था ने एसपी को पत्र भेजा है। प्रत्येक गांव में दस पुलिस मित्र बनाए जाएंगे। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को 23 सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्र के राजस्व गांवों में पुलिस मित्रों का फार्म भरवा कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पुलिस मित्र का फार्म भरा जाएगा। प्रारूप में पुलिस मित्रों के जोन, जनपद, थाने का सीयूजी नंबर, गांव/वार्ड का नाम, मोबाइल नंबर, बीट प्रभारी, आरक्षी का नाम, मोबाइल नंबर आदि जानकारी भरी जाएगी। पुलिस मित्र (एस-10) में प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, चौकीदार, संभ्रांत व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा। ऐसे लोग पुलिस मित्र के रूप में चयनित किए जाएंगे जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज या उनकी समाज में छवि अच्छी नहीं है। पुलिस अधीक्षक किरीट राठोड ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को 48 घंटे के भीतर पुलिस मित्र (एस-10) के सदस्यों की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस मित्रों की सूचनाएं उच्चाधिकारियों को मुहैया कराई जाएगी। जरूरत पडने पर उच्चाधिकारी किसी भी पुलिसमित्र के मोबाइल पर कॉल कर उनसे जानकारी ले सकते हैं।