दुद्धी। दुद्धी सहकारी फेडरेशन (डीसीएफ) के चुनाव को लेकर शुक्रवार को विवाद हो गया। एक डायरेक्टर और दो डेलीगेट को बंधक बनाकर दूसरी जगह रखने का आरोप लगाते हुए भाजपा के कई लोग विरोध जताते हुए मतदान के समय तक डीसीएफ गेट पर धरने पर बैठे रहे। अद के लोगों को मतदान से रोकने की कोशिश में हाथापाई तक की नौबत आ गई। पुलिस ने किसी तरह हालात नियंत्रण करने में लगी रही। स्थिति को देखते हुए अगली तिथि घोषित होने तक चुनाव स्थगित कर दिया गया।
सुबह नौ बजे से तीन बजे तक मतदान होना था। इसमें व्यक्तिगत वर्ग से 545 और संस्थागत वर्ग से 40 वोटरों को मत डालना था, लेकिन सुबह नौ बजे से ही भाजपा के लोग चुनाव को स्थगित करने की मांग करते हुए मतदान केंद्र के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। सुरेंद्र अग्रहरि का कहना था कि दुद्धी ब्लॉक से बीजेपी समर्थित पांच प्रत्याशी हैं लेकिन उसमें से एक प्रत्याशी बृजभान चौबे को विपक्षियों ने चार दिन पहले ही गायब कर दिया। एक डेलीगेट समर्थक अयोध्या प्रसाद को भी दो दिन पहले गायब कर दिया गया। इसकी तहरीर भी दुद्धी कोतवाली में उनके भतीजे ने दी। पूर्व विधायक तीरथराज और जिला महामंत्री विपिन बिहारी ने भी यहीं मांग उठाई। भाजपा की ओर से चुनाव प्रभारी बनाए गए रामकेश्वर राय ने सपा खेमे की तरफ से भाजपा के प्रत्याशी और कई वोटरों को उठाने का आरोप लगाया। अपना दल (एस) के कुछ पदाधिकारी मतदान करने को लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े तो भाजपा के लोग भी सामने आकर नारेबाजी करने लगे। निर्वाचन अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने पौने तीन बजे चुनाव स्थगित करने की सूचना दी, तब जाकर माहौल शांत हुए। बताया कि विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। इसको देखते हुए चुनाव स्थगित कर डीएम के जरिए शासन और चुनाव आयोग को सूचना भेज दी गई है।