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सब्जी मंडी के जगह को लेकर गर्म रहा माहौल, चक्काजाम

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सोनभद्र (रेणुकूट)। पिपरी नगर पंचायत क्षेत्र में खाली पड़ी जमीन पर सब्जी मंडी लगाने को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। रविवार को जैसे ही ग्रासिम इंडस्ट्रीज और थाने के सिपाही पहुंचकर दुकान लगाने से मना करने लगे, लोगों ने वहां जाम कर दिया। पुलिस ने किसी तरह जाम समाप्त कराया, तो थोड़ी देर बाद ही वहां सीओ पहुंचे। लोगों ने सीओ पर चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए फिर चक्काजाम कर दिया, नारेबाजी की। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया और थाने में वार्ता हुई। वार्ता में ग्रासिम के अफसर ने दस दिन के अंदर मामले को सुलझाने का समय मांगा।
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रेलवे स्टेशन के पास शनिवार को पिपरी नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में साफ-सफाई की गई। जगह को लेकर रविवार को दिन भर नगर का माहौल गर्म रहा। सुबह होते ही इस स्थल पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज के निजी सुरक्षा कर्मी व थाने के सिपाही पहुंचकर बाहर से घेर दिया। सब्जी लेकर पहुंच रहे लोगों को पूर्व की भांति सड़क की पटरी पर ही दुकान लगाने को कहा गया। इससे नाराज लोग मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। बात न बनती देख कई लोग मुख्य मार्ग पर ही बैठ कर सड़क मार्ग जाम कर दिये, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वहां पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा कर जाम समाप्त कराया। वार्ता के लिए दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया। नगर वासियों का आरोप है कि इसी दौरान वहां पहुंचे सीओ पिपरी ने दिग्विजय सिंह से अभद्रता कर दी, जिससे माहौल बिगड़ गया। क्षुब्ध लोगों ने थाने के सामने पहुंच कर एक बार फिर जाम लगा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहुंचे एएसपी अरुण कुमार दीक्षित ने सभी लोगों को बुलाकर वार्ता शुरू की। वार्ता के दौरान ग्रासिम इंडस्ट्रीज के प्रसेनजीत लाहा ने बताया कि वह जमीन कंपनी की है। इसलिए वह इस पर कोई निर्णय स्थानीय स्तर से नहीं ले सकते। पिपरी नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में लग रहे सब्जी बाजार से सड़क वन-वे हो जाती है। आए दिन हादसे होते हैं। कई लोगों की जान भी जा चुकी है। कई वर्षों से स्थाई स ब्जी मंडी की मांग की जा रही है, जिसे अब तक नहीं पूरा किया जा सका है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वन भूमि पर कब्जा हो रहा है जिसे वन विभाग नहीं रोक रहा है और सही काम में विभाग के लोग अड़ंगा डाल रहे हैं। वन विभाग ने भी दावा किया कि जमीन उनकी है, लेकिन इसका कोई कागज कोई भी दिखा नहीं सका। बैठक मे वन विभाग और ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने 10 दिनों का समय मांगा कि इस दौरान इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। इस पर सभी लोग सहमत हो गए। वार्ता में तहसीलदार मृत्युंजय सिंह, सीओ पिपरी राहुल मिश्रा, थानाध्यक्ष सुभाष चंद्र राय, संतोष सिंह, अरशद खां, संजय शर्मा, दिग्विजय प्रताप सिंह, विजय शंकर राय मौजूद रहे।
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