डाला। जनपद के जनजाति कृषकों के लिए वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का तीन दिवसीय आयोजन चोपन ब्लॉक के ग्रामीण अंचलों में बुधवार को किया गया। कार्यक्रम सत्र का शुभारंभ डॉक्टर सुभोदीप राय, वैज्ञानिक कृषि प्रसार भारतीय अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करके किया।
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी की ओर से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को चोपन ब्लॉक के केकरहवा खाड़ी में आयोजित किया गया। जिसमें बताया गया कि प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन जो अनुसूचित जनजाति के लिए जनजातीय उपयोजना टीएसपी कार्यक्रम के अंतर्गत भालू कुदर, सतदवारी एवं केकरहवा खाड़ी में कैंप लगाकर 148 जनजाति परिवारों से जुड़े किसान एवं महिलाओं ने भाग लिया। उपस्थित किसानों को टीएसपी मुख्य गतिविधियों के अंतर्गत सब्जियों के उन्नतशील प्रजातियों की जानकारी दी। किसानों की ओर से अपने क्षेत्र में विभिन्न सब्जियों में होने वाली बीमारियों के समस्या की बात कही गई, जिसके निवारण के लिए जानकारी दिया गया। डॉक्टर अभय कुमार सिंह विषय वस्तु विशेषज्ञ पशु चिकित्सा ने पशुपालन संबंधित विषयों जैसे पशुआहार, बांझपन, टीकाकरण एवं महत्वपूर्ण बीमारियों की रोकथाम की विस्तृत जानकारी दी। उक्त कार्यक्रम के जरिए किसानों एवं कृषक महिलाओं के अनुभव एवं विचारों का आदान-प्रदान हुआ। जिसके बाद किसानों के परिक्षेत्र में भ्रमण कार्यक्रम भी किया गया। उनके कृषि एवं पशु संबंधित अवलोकन कर पशु अंतपरजीवी एवं वाह्य परिजीवी से ग्रसित पाए गए, उनकी बीमारी के रोकथाम के लिए नि:शुल्क दवा वितरण की गई। प्रशिक्षण का कार्यक्रम गुरुवार और शुक्रवार को कोटा ग्राम पंचायत के डहकुडंडी, पिपरहवां होते हुए क्रमश: गांवों में आयोजित किया जाएगा। नंदकुमार, रामरक्षा सिंह, सोभनाथ, रामेश्वर सिंह, अवधेश सिंह, फत्ते सिंह आदि मौजूद रहे।