अनपरा। अनपरा तापीय परियोजना आवासीय परिसर स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में बुधवार की सायं धरनारत श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण को लेकर परियोजना प्रबंधन व यूनियन के बीच वार्ता आयोजित की गई, किंतु सहमति नहीं बनने पर वार्ता बेनतीजा रही।
बैठक में उपस्थित परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं अखिलेश कुमार सिंह ने यूनियन से एक सप्ताह के अंदर मजदूरों की मांगों को माने जाने की बात कहते हुए धरना को समाप्त करने की बात कही, जिसे संगठन ने मानने से इंकार कर दिया। जिला संविदा संयुक्त संघर्ष समिति के मंत्री ने परियोजना प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अनपरा परियोजना के स्थापना काल से ही मजदूरों का गंभीर शोषण किया जा रहा है। स्थाई और नियमित कार्य पर जबरन संविदा श्रमिकों से कार्य कराया जा रहा है। स्थिति इतनी बदतर है कि कुशल श्रमिकों से अकुशल श्रेणी का काम करा कर अकुशल की मजदूरी दी जाती है। बीस वर्षों पूर्व टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत श्रमिक आज भी तकनीशियन ही बना हुआ है, जबकि परियोजना के टेक्नीशियन आज अधिशासी अभियंता बन गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की उदासीनता के कारण 10 नवंबर के बाद श्रमिक कभी भी पूर्ण हड़ताल पर जाने के लिए तैयार है। सीटू के जिलाध्यक्ष अवधराज सिंह ने कहा कि इससे पूर्व हुए समझौते का पालन अनपरा प्रबंधन नहीं कर रहा है जिससे जब तक श्रम नियमों का पालन नहीं होगा तब तक धरना समाप्त नहीं किया जायेगा। परियोजना प्रबंधन की तरफ से इं राम जनम यादव, कार्मिक अधिकारी आंकाक्षा राव तथा यूनियन की तरफ से कन्हैया लाल गुप्ता, गुड्डू उपाध्याय, गनेश सिंह, संजय शर्मा, केदार सिंह, मनोज गुप्ता, बाबूलाल गुप्ता मौजूद थे।