घोरावल। दी घोरावल बार एसोसिएशन की बैठक सोमवार को तहसील परिसर स्थित सभा कक्ष में हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार, स्टांप की कमी, तहसीलदार की अनुपस्थिति एवं कर्मचारियों के कार्यों में शिथिलता समेत कई मुद्दे पर चर्चा हुई।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले दो महीने से तहसीलदार नही हैं। उनकी जगह रॉबर्ट्सगंज तहसीलदार को प्रभार दिया गया है, लेकिन वह यहां नही आते हैं। प्रभारी तहसीलदार को सप्ताह में कम से कम दो दिन घोरावल तहसील में बैठने के लिए कहा जाए। इसके साथ ही नामांतरण दस्तावेज 35 दिनों में देने की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित किया है लेकिन लेखपाल दो-दो महीने से भी अधिक का समय लेते हैं। पिछले दो महीने से घोरावल तहसील में सौ रुपये, पचास रुपये और बीस रुपये का स्टांप का अभाव है। इस पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। यहां आवास होने के बाद भी एसडीएम रात में नही रहते हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल सिंह ने कहा कि यदि प्रशासन उनकी मांगों के संदर्भ में जल्द कार्रवाई नही करता है तो रणनीति बनाकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया गया। इस सम्बंध में प्रस्ताव पास कर एसडीएम भेज दिया गया है। बैठक में एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रयागदास, कन्हैया प्रसाद दूबे, अरविंद सिंह, महेश कुमार यादव, मोहन सिंह, फखरे आलम, आशुतोष कुमार मिश्रा, पारसनाथ दूबे, प्रदीप नारायण सिंह, शैलेश कुमार दूबे मौजूद रहे।