विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की रविवार को लखनऊ में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन और संघर्ष समिति के बीच गत पांच अप्रैल को हुए समझौते के अनुसार विद्युत वितरण निगमों की वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों व अभियंताओं को विश्वास में लेकर सुधार के लिए सार्थक कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर और मुरादाबाद में संगोष्ठी कर पावर कारपोरेशन और ऊर्जा मंत्री को सार्थक सुधार के लिए प्रस्ताव दिए जाएंगे।
संयोजक शैलेंद्र दूबे ने बताया कि सुधार के लिए समिति की 10 अप्रैल को गोरखपुर, 11 को वाराणसी, 17 को मुरादाबाद और 18 अप्रैल को मेरठ में सभा आयोजित की गई हैं। उन्होंने कहा कि निजी फ्रेंचाइजी के नाम पर आगरा में चल रही लूट और पावर कारपोरेशन को हो रहे भारी घाटे को देखते हुए इन शहरों में समझौते के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में ही सुधार के लिए बिजली कर्मचारी व अभियंता संकल्पबद्ध हैं। बता दें कि आगरा में निजी फ्रेंचाइजी टोरेंट को पावर कारपोरेशन 3.91 प्रति यूनिट की दर से बिजली देता है, जिसे टोरेंट कंपनी औसत 7.88 की दर से बेंच कर भारी मुनाफा कमा रही है। इससे पावर कारपोरेशन को लगभग आठ सौ करोड़ रुपये प्रति वर्ष की क्षति हो रही है। इस बैठक में राजीव सिंह, गिरीश पांडेय, सदरुद्दीन राना, राजेंद्र घिल्डियाल, विपिन प्रकाश वर्मा, सुहैल आबिद, महेंद्र राय, प्रेमनाथ राय, करतार प्रसाद, पीएन तिवारी, एके श्रीवास्तव, पूसेलाल परशुराम, डीके मिश्र उपस्थित थे।