सोनभद्र। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर, दुद्धी न्यायालय परिसर, ओबरा न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 42782 मामलों का निस्तारण कर अर्थदंड के रूप में 2,59,620 रुपये और प्रतिकर के रूप में 72,80,000 रुपये की वसूली की गई। 1.81 करोड़ का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस दौरान आपराधिक मामलों के साथ ही जनमानस की जरूरत से जुड़े मामलों का भी निबटारा कराया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश ओमप्रकाश तिवारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत की शुरुआत की। उनकी अदालत में नौ, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश यशवंत कुमार मिश्रा की अदालत के 41, एडीजे प्रथम जयप्रकाश तिवारी की अदालत के 25, एडीजे मोहनलाल विश्वकर्मा की अदालत में दो, एडीजे एफटीसी न्यू विनय कुमार सिंह की अदालत के सात, एडीजे एफटीसी सुबोध वार्ष्णेय की अदालत के चार, जेएम नेत्रपाल सिंह की अदालत के 313, सिविल सीनियर डिवीजन सिद्धार्थ कुमार की अदालत के 32, एसीजीएम वर्धन की अदालत के 75, द्वितीय सिविल जज सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार की अदालत के सात,सिविल जज जूनियर डिवीजन सुदर पाल की अदालत के 29, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, आरएन पांडेय की अदालत के 51, एसडीएम घोरावल की अदालत के 165, एसडीएम राबर्ट्सगंज की अदालत के 145, एसडीएम दुद्धी की अदालत के 95, अपर उप जिलाधिकारी राबर्ट्सगंज की अदालत के तीन, तहसीलदार राबर्ट्सगंज न्यायिक की अदालत के 30, तहसीलदार घोरावल की अदालत के 40, तहसीलदार राबर्ट्सगंज की अदालत के 40 वाद निस्तारित किए गए।
इसी तरह श्रम विभाग, जाब कार्ड, विद्युत विभाग, स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया, यूको बैंक, खतौनी, आय-जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड से जुड़े सैकड़ों मामले निस्तारित किए गए।