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मैरिज हाल में आग से बचाव के उपाय नाकाफी

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सोनभद्र। जिले में हाल के कुछ वर्षों में मैरिज हाल की संख्या बढ़ी है। मैरिज हाल बनाने वाले लगन के दौरान मोटी कमाई भी कर रहे है लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। आग से बचाव के न तो उपकरण ही लगे है और न ही शार्ट सर्किट के दौरान बालू भरी बाल्टियों का ही इंतजाम है। फायर विभाग के लोग भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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शहर के मैरिज हाल न केवल सड़कों पर पार्किंग करा रहे है बल्कि खुशियों पर आफत बरसाने के भी इंतजाम किए हुए हैं। शॉर्ट सर्किट या फिर किसी वजहों से मैरिज हॉल में चिंगारी भड़क जाए तो आग की लपटों से बचकर पब्लिक बाहर आने से रही, गेट छोटा होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी एंट्री करने के लिए जगह भी नहीं है। इस बात का खुलासा तब हुआ जब जिला अग्निशमन अधिकारी से यह जानने की कोशिश की गई कि जिले में स्थित मैरिज हाल में आग पर काबू पाने का क्या-क्या इंतजाम किया गया है।

अग्निशमन दस्ते ने कभी नहीं की जांच
समय-समय पर हुई आग की बड़ी घटनाओं से जिले के अग्निशमन दस्ते ने कोई सबक भी नहीं लिया है, तभी तो आज तक किसी भी मैरिज हाल की जांच कर उन्हें न तो नोटिस दी गई है और न ही आग से बचाव के प्रति जागरूक ही किया गया है।
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मोटी कमाई सुरक्षा धेला भर
मैरिज हाल ओनर्स पार्टी के नाम पर सीधे पैकेज बुक करते हैं। इसमें वह टेंट, लाइटिंग, डेकोरेशन, मंडप, जेनरेटर, गेट, स्टेज, जयमाला, वेटर आदि पैकेज में शामिल करके बताते हैं। इसके अलावा जेनरेटर का डीजल और खाने-पीने पर होने वाला खर्च अलग से वसूल करते हैं। पैकेज के नाम पर मोटी रकम भी वसूलते हैं बावजूद इसके मैरिज हाल ओनर्स सुरक्षा के नाम पर पब्लिक को धोखा दे रहे हैं। ज्यादातर मैरिज हाल में आग लगने की स्थिति में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं हैं।

नियमों की अनदेखी कर चल रहे मैरिज हाल
जिले में विभिन्न स्थानों पर 17 से अधिक मैरिज हाल नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि यहां पर आग से बचाव के इंतजाम नहीं है। नगर पालिका व नगर पंचायत भी मैरिज हॉल संचालकों पर शिकंजा नहीं कस रहा। न उन पर टैक्स जमा करने का दबाव बनाया जा रहा और न ही आग से बचाव के इंतजाम करने की नोटिस ही दी जा रही है। आयोजन के दौरान संचालकों की ओर से सुरक्षा संसाधनों की अनदेखी की जा रही है।

जिले में मैरिज हाल की संख्या नहीं मालूम। एक बार घोरावल मार्ग पर स्थित मैरिज हाल को चेक किया था। वहां आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं थे। नगर पालिका व नगर पंचायत प्रशासन पर मामला टालते हुए बोले कि अधिशासी अधिकारियों को मैरिज हाल पंजीयन की सूचना उन्हें देनी चाहिए ताकि वे आग से बचाव के इंतजाम करा सकें। - सुरेश चंद्र, जिला अग्निशमन अधिकारी, सोनभद्र।
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