फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब दूसरे की भूमि नहीं बेच सकेंगे सहखातेदार

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
सोनभद्र। जिले में लगातार भूमि विवाद बढ़ रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार ने जिला प्रशासन को प्रत्येक खाताधारकों का अंश/हिस्सा राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने का निर्देश दिया है। ताकि सहखातेदार दूसरे के हिस्से की भूमि को खुद का बताकर विक्रय न कर सकें। डीएम के निर्देश पर तीनों तहसीलों में लेखपालों ने खाताधारकों का अंश/हिस्सा राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराना शुरू कर दिया है। इसके नोडल अधिकारी तहसीलदार बनाए गए हैं।
विज्ञापन

बताते चले कि खतौनी में अंकित अधिकांश खातेदारों के मध्य उनके वास्तविक हिस्से या अंश का निर्धारण राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है। सहखाता होने का फायदा उठाते हुए कई व्यक्ति दूसरे के हिस्से के भूमि को अपना बताकर विक्रय कर दे रहे है। इससे भूमि विवाद में इजाफा हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने ने जिला प्रशासन को प्रत्येक खाताधारक का वास्तविक अंश/हिस्सा खतौनी में दर्ज कराने का निर्देश दिया है। ताकि भूमि विवाद पर रोक लगाई जा सकें। अब तैयार होने वाली खतौनियों में प्राथमिकता के आधार पर सर्वप्रथम लेखपाल खातेदारों के अंश का निर्धारण करेंगे। इसमें अगर किसी खाता धारक को कोई दिक्कत होगी तो वे अपनी आपत्ति दर्ज कर सकता है। इसके लिए तहसील प्रशासन की ओर से आपत्तिकर्ता को पूरा अवसर दिया जाएगा। इस संबंध में डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि राबट्र्सगंज, घोरावल और दुद्धी एसडीएम को अविलंब लेखपालों के माध्यम से प्रत्येक खाताधारकों का अंश/हिस्सा निर्धारण करवाकर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए निदेर्शित कर दिया गया है। सभी तहसीलदार खातेदारों के अंश के निर्धारण की कार्रवाई का मॅानीटरिंग करेंगे। सदर एसडीएम विशाल यादव ने बताया कि प्रथम चरण में 141 गांवों में खातेदारों के अंश/हिस्से का निर्धारण राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई शुरू करा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें