सोनभद्र। अब गरीबों के निवाले की कालाबाजारी करना आसान नहीं होगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गोदामों से सीधे अनाज वितरण प्रणाली की दुकानों पर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। अभी तक कोटेदारों को स्वयं अनाज ले जाना पड़ता था। रास्ते में कई कोटेदार कुछ अनाज की कालाबाजारी कर देते थे।
राबर्ट्सगंज , घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, बभनी, म्योरपुर और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र के शहरी इलाके में 63 वितरण प्रणाली की दुकानें और ग्रामीण क्षेत्रों में 730 वितरण प्रणाली की दुकानें संचालित हो रही है। कोटेदारों को प्रतिमाह अपने नजदीकी राजकीय गोदामों से कार्डधारकों को देने के लिए गेहूं, चावल का उठान कराकर ट्रैक्टर-ट्राली समेत अन्य वाहनों से ले जाना पड़ता है। रास्ते में कई कोटेदार कुछ अनाज को बेच भी देते हैं। इसकी शिकायत अक्सर अधिकारियों के पास पहुंचती है। पूर्व में अनाज की कालाबाजारी करने के आरोप में कुछ कोटेदारों के खिलाफ कार्यवाही भी हो चुकी है। फिलहाल इस पर रोक लगाने के लिए शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत कोटे की दुकानों तक अनाज पहुंचवाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि डोर स्टेप डिलेवरी के तहत कार्डधारकों को दिए जाने वाले अनाज को वितरण प्रणाली की दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना को अमलीजामा पहुंचाने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। यह योजना अनाज की कालाबाजारी पर पूर्णतया अंकुश लगाने के लिए शुरू की जा रही है और कोटेदारों को भी वाहनों की व्यवस्था कर गोदामों से अनाज ले जाने से छुटकारा मिल जाएगा। कहा कि जल्द ही डोर टू स्टेप डिलेवरी की शुरूआत होगी।