सोनभद्र। दो वक्त की रोटी के लिए मेहनत करने वालों के लिए घर बनाना किसी स्वप्न के समान होता है। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके घर बनाने के सपने को न सिर्फ साकार किया है बल्कि उन ऐसे लोगों को छांव भी दी है, जिन्हें रहने को घर मयस्सर नहीं था। ऐसे में लोगों की इस योजना के प्रति सोच बदली है। अब ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ लेने की इच्छा रखते हैं लेकिन वर्ष 2011 की जनगणना में बीपीएल सूची में शामिल लोग ही इसके पात्र हैं।
घोरावल नगर के वार्ड एक निवासी मुनीम का कहना है कि वह पिछले 35 वर्षों से खपरैल के कच्चे मकान में अपने परिवार के साथ रहते आए हैं। उनकी रोजी रोटी का जरिया सिलाई। पक्का मकान उनके लिए एक सपना था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने हम जैसे लाखों गरीब परिवारों को पक्का मकान देकर जिंदगी जीने के लिए एक सकारात्मक परिवेश दिया है। घोरावल ब्लॉक के अहरौरा ग्राम पंचायत निवासी पीएम आवास की लाभार्थी अनुसूचित जाति की महिला दुईजी देवी का कहना है कि वह अपने तीन बच्चों और पति के साथ खपरैल व फूस के बने कच्चे मकान में रहती है। वह पति के साथ मजदूरी करके जीवन यापन करती है। उसने कभी सोचा भी न था कि उसका अपना पक्का मकान होगा, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उसके सपनों को साकार कर दिया। चतरा ब्लाक के ढोढरी ग्राम पंचायत के जैमोहरा निवासी रामविलास मुसहर ने कहा कि हम लोग पूरी जिंदगी पत्ते और फूस के मड़हे में बिताए। हमने स्वप्न में भी नही सोचा था कि हमको भी आवास मिलेगा और मुझे गर्व से कहने का मौका मिलेगा कि मेरे पास अपना घर है। गुल्लीडाढ ग्राम पंचायत के बुडुक कहते हैं कि सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीबों को तमाम समस्याओं से निजात दिलाई है। दुद्धी ब्लॉक के बुटबेढवा ग्राम पंचायत के रशीद खां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया। लोग कहते हैं कि मोदी मुसलमान विरोधी हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। मोदी ने ही हम लोगों को रहने के लिए छत मुहैया कराया। इस आवास में पूर्व के लोहिया आवास की तरह सौर ऊर्जा का संपूर्ण सिस्टम लग जाता तो और चार चांद हो जाता।