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मान्यता की शर्ते ताक पर, वसूल रहे मोटी फीस

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सोनभद्र/अनपरा। जिले में मान्यता प्राप्त विद्यालयों में मान्यता के शर्तों की अनदेखी की जा रही है। अभिभावकों से विद्यालय प्रशासन बच्चों की पढ़ाई के नाम पर मोटी फीस तो वसूल रहा है लेकिन सुविधाएं नदारत हैं। तमाम ऐसे स्कूलों को शिक्षा विभाग ने मान्यता दे दी है, जो मानकों को पूरा नहीं करते हैं। जिले में मान्यता प्राप्त कक्षा आठ के स्कूलों की संख्या 450 है। मान्यता प्राप्त विद्यालयों में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकांश मान्यता प्राप्त विद्यालय मानकों के अनुरूप नहीं चल रहे हैं। कहीं पर्याप्त कक्ष नहीं है तो कहीं शौचालय ही नदारद है। ज्यादातर स्कूलों में खेल का मैदान ही नहीं है। ऐसे में वहां लाइब्रेरी होने के बारे में सोचना ही बेईमानी होगी। म्योरपुर व बभनी ब्लाक में कई मान्यता प्राप्त स्कूलों के कक्षों का छाजन टीन शेड है। इस तपती दोपहरी में टीन शेड से आग निकल रही है। ऐसे में बच्चों की क्या दशा होती होगी समझा जा सकता है। कई स्कूलों में छात्रों को बैठने के लिए बैंच तक नहीं है और न ही कक्ष की फर्स ही पक्की है। बच्चे टाट व पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन छात्रों के अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जा रही है।
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मान्यता पांच तक की, परीक्षा दिला रहे आठ की
जिले में कक्षा पांच तक की मान्यता लेने वाले स्कूल सातवीं व आठवीं तक की कक्षा का संचालन कर रहे है और आठवीं तक की मान्यता प्राप्तक स्कूलों से सांठगांठ कर परीक्षा दिला रहे हैं। सांतवीं व आठवीं की मान्यता न होने के बावजूद ऐसे स्कूल अभिभावकों से फीस के रूप में मोटी रकम वसूल रहे हैं।

बीईओ से मांगी गई रिपोर्ट...
जिले में मान्यता प्राप्त स्कूल तय शर्तों को पूरा न कर धड़ल्ले से स्कूलों का संचालन कर रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि जिले में ऐसे कितने स्कूल है, इसका आंकड़ा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास नहीं है। बीएसए गोरख नाथ पटेल ने बताया कि जनपद के आठों ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से मान्यता प्राप्त स्कूलों की रिपोर्ट मांगी गई है। शर्त पूरा करने वाले स्कूलों के खिलाफ विधिक कार्यवाई की जाएगी।
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मान्यता लेने के लिए आवश्यक शर्ते...
-मान्यता की आवेदन फीस तीन हजार जमा करनी होगी।
-25 हजार रुपये की एनएससी या एफडी जमा करना होग।
-अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र।
- अवर अभियंता से नेशनल बिल्डिंग कोट अनापत्ति प्रमाण पत्र।
-सोसाइटी या संस्था का रजिस्ट्रेशन आवश्यक।
-किराये पर स्कूल भवन लेने के लिए 10 वर्ष का तहसील से किरायेदारी रजिस्टे्रशन।
-खेल मैदान व खेल उपकरण।
-लाइब्रेरी व पुस्तक।
-कक्षा आठ तक की मान्यता के लिए 180 वर्ग फीट के आठ कमरे।
- प्रधानाचार्य व स्टाफ कक्ष के लिए एक-एक भवन।
-छात्र व छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालय।
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