नक्सल प्रभावित नगवां ब्लाक के रास्ते पशु तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस अनभिज्ञता जताती है और रोकने का झूठा आश्वासन देती है।
पशु तस्करी ने वैनी बाजार के रहवासियों के होश उड़ा दिए हैं। वजह यहां बना ब्रेकर है। आधी रात को जब पशु तस्करों के वाहन तेज रफ्तार में ब्रेकर को पार करते हैं तो इतनी तेज आवाज होती है कि ब्रेकर के आसपास के लोगों की नींद उड़ जाती है। इससे परेशान रहवासियों ने पूर्व में एक-दो बार पशु तस्करी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया लेकिन कोई पाबंदी नहीं लगी। सूत्रों का कहना है कि करमा थाना क्षेत्र के खैराडीह गांव के आसपास के सिवान और सुकृत पुलिस चौकी क्षेत्र का बहुअरा इलाका पशु तस्करों का अड्डा बन गया है। मवेशियों से भरे वाहन शक्तिनगर-वाराणसी हाईवे पर तेंदू पुल से दाहिने नहर की सड़क से होकर सीधे पन्नूगंज थाना क्षेत्र के पकरहट गांव आते है। पकरहट से रायपुर थाना क्षेत्र के डोरिया मोड़ व दरमा के रास्ते बिहार व कोलकता को जाते है। यह भी बताया कि रविवार की सुबह छह बजे वैनी खलियारी बाजार होते मवेशियों से लदी पिकअप को जाते ग्रामीणों ने देख इसकी सूचना पुलिस को दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने पशु तस्करी रोकने की मांग की है। सीओ ज्ञानप्रकाश राय का कहना है कि पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। बावजूद इसके मवेशियों को ले जाया जा रहा है। इसकी जांच स्वयं कर कार्रवाई करेंगे।
रहमानपुर भी बना तस्करी का अड्डा
पशु तस्करों ने तस्करी के लिए चंदौली जिला के चकरघट्टा थाना क्षेत्र के रहमानपुर को नया अड्डा बनाया है। इस स्थान पर इलाहाबाद सहित अन्य जगहों से पशु लाकर इकट्ठा किए जाते हैं। रहमानपुर पन्नूगंज थाना क्षेत्र के सीमा से काफी करीब है।