शक्तिनगर। नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए निर्धारित कोयला प्रेषण लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। खास बात यह है कि कंपनी ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए निर्धारित समय 31 मार्च से 12 दिन पहले ही निर्धारित 93 मिलियन टन कोयला डिस्पैच कर कोयला लक्ष्य प्राप्ति का नया शिखर छू लिया है।
एनसीएल ने 19 मार्च तक 93.18 मिलियन टन कोयला प्रेषण कर यह उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की इस उपलब्धि के लिए अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पीके सिन्हा एवं निदेशक मंडल ने टीम एनसीएल को हार्दिक बधाई दी है। उम्मीद जताई है कि कंपनी अपने कामगारों की लगन, निष्ठा, परिश्रम एवं कार्य के प्रति समर्पण की बदौलत जल्द ही 100 मिलियन टन कोयला डिस्पैच करने वाली कंपनियों के लिस्ट क्लब में शामिल होगी। एनसीएल ने वित्त वर्ष 2017-18 में 21 मार्च तक गत वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले अपने ग्राहकों को 16 प्रतिशत अधिक कोयला भेजा है। 21 मार्च तक 93.78 मिलियन टन कोयला प्रेषण किया है। 10 कोयला क्षेत्रों में से छह कोयला क्षेत्रों ने भी वित्त वर्ष 2017-18 के लिए निर्धारित अपने कोयला प्रेषण लक्ष्य समय से पहले ही प्राप्त कर लिए हैं। इन छह कोयला क्षेत्रों में अमलोरी, बीना, जयंत, झिंगुरदा, निगाही और ब्लॉक-बी शामिल है, जबकि शेष चार कोयला क्षेत्र भी अपने कोयला डिस्पैच लक्ष्य प्राप्त करने के बेहद नजदीक हैं। बता दें कि एनसीएल को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए पहले 91 मिलियन टन कोयला प्रेषण का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य से अधिक कोयला डिस्पैच करने के चलते कंपनी को वित्त वर्ष के बीच में ही दो मिलियन टन अतिरिक्त कोयला प्रेषण की जिम्मेदारी दी गई। कोयला प्रेषण की तरह एनसीएल वर्तमान वित्त वर्ष में कोयला उत्पादन में भी शानदार प्रदर्शन कर रही है।