सोनभद्र (रामगढ़)। चतरा ब्लॉक क्षेत्र में स्थित चौदह एएनएम सेंटरों पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेपटरी हैं। सेंटरों पर हमेंशा ताला लटकता रहता है। सिल्थम एएनएम सेंटर पर ताला लटकते रहने से महज पांच दिन के अंतराल में दो बच्चों की डिलेवरी सेंटर के बाहर खुले आसमान के नीचे हुई है। बावजूद इसके संबंधितों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।
चतरा ब्लॉक क्षेत्र में चौदह एएनएम सेंटर शिवपुर, सिल्थम, सोढ़ा, नाको, सौली, बभनगवां, नेवारी, बंजरिया, कोरियांव, नरोखर, कुसुम्हा, नरखोरिया, पिथौरी और भरसही हैं। इसके अलावा दो पीएचसी तियरां और बकवार में हैं। शासन की ओर से एएनएम सेंटरों पर कर्मचारियों को दिन और रात में रूककर डिलेवरी एवं टीकाकरण कराने का निर्देश है। बावजूद इसके सेंटरों से कर्मचारी गायब रहते हैं। सिल्थम एएनएम सेंटर पर बुधवार को शाम चार बजे चंदौली जिला के नौगढ़ थानांतर्गत बजरडीहा गांव की रविता(23) पत्नी रमेश अपने मायके पटना गांव से परिजनों के डिलेवरी कराने पहुंची तो सेंटर पर ताला लटक रहा था। उसे सेंटर के बाहर ही डिलेवरी हुई और बच्चे को जन्म दिया। इसके पहले 21 अक्तूबर को भी सिल्थम गांव की गुड्डी(22) पत्नी बीरबल धांगर की डिलेवरी सेंटर के बाहर हुई थी। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। बकवार पीएचसी पर भी रात्रि के समय कोई डॉक्टर अथवा स्वास्थ्य कर्मी नहीं रहता। लोगों को झोला छाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ता है। तियरा पीएचसी प्रभारी डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि सेंटर के बाहर दो बच्चों के डिलेवरी की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-राजेश पाठक