सोनभद्र। फसल ऋण मोचन योजना के तहत राजस्व कर्मियों, लेखपालों द्वारा लाभार्थी किसानों के पात्रता के सत्यापन रिपोर्ट की रेंडम एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार करेंगे।
यह बातें जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कही। वह शुक्रवार को फसल ऋण मोचन योजना से संबंधित जिलास्तरीय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। कहा कि एडीएम से लेकर नायब तहसील तक लेखपालों द्वारा पात्रता की जा रही सत्यापन रिपोर्ट रेंडम की जांच करेंगे। अभी तक कुछ किसान बंधुओं के आधार कार्ड केसीसी खाते से लिंक नहीं हुए हैं। जल्द से जल्द छूटे हुए किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड खातों से आधार कार्ड लिंक कराया जाए। कर्जदार किसानों की सूची तहसीलों पर राजस्व ग्रामवार उपलब्ध है और उसी का सत्यापन राजस्व कार्मिकों/लेखपालों के द्वारा किया जा रहा है। कहा कि प्रथम चरण में, जिन किसानों ने अपना आधार नंबर अपने केसीसी ऋण खाते से लिंक करा लिया है। उन्हीं कृषकों का ऋण माफ किया जाएगा। सत्यापन में फसल ऋण मोचन योजना के प्रावधानों के मुताबिक पात्र पाये जाने वाले सभी किसानों का ऋण एक लाख रुपये तक माफ किया जाएगा। बाकी बचे किसानों को अगले चरण में लाभान्वित किया जाएगा। फसल ऋण मोचन योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रदेश स्तर से 80 होर्डिंगो और दो सौ सामान्य साइज के आइलेटयुक्त बैनर जिले में स्थापित कराया जाए। 166 बैंक शाखाओं पर लगाये जाने के साथ ही होर्डिंग को जिले के सभी तहसीलों, विकास खंडों, नगर निकायों, रेलवे स्टेशनों, जिला मुख्यालय के महत्वपूर्ण कार्यालयों के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर स्थापित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर अशोक सिंह यादव, सदर एसडीएम विशाल यादव, घोरावल शादाब असलम, दुद्धी भानु प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय, बंदोबस्त अधिकारी चकबन्दी मधुसूदन दूबे, नेसार अहमद मौजूद रहे।