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ढाई साल से बंद पड़ा है रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण

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घोरावल। नगर में रोडवेज बस स्टेशन का निर्माण करीब ढाई साल से बंद है। इसका निर्माण पूर्ण नहीं होने से रोडवेज बसों के संचालन में दिक्कतें आ रही ळैं।
तहसील क्षेत्र में भारी अवागमन के मद्देनजर लंबे अरसे से रोडवेज बस स्टेशन की मांग की जा रही थी। तत्कालीन विधायक इं. रमेश चंद्र दूबे के प्रयास से अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में शासन ने घोरावल तहसील मुख्यालय पर रोडवेज बस स्टेशन के निर्माण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी। फिर सात अगस्त 2015 को रमेश दूबे ने इसका शिलान्यास किया और फिर तेजी से निर्माण शुरू हुआ। करीब एक वर्ष में रोडवेज स्टेशन की बाउंड्रीवाल, पूछताछ कक्ष, बुकिंग कार्यालय, शौचालय, मूत्रालय का निर्माण हो गया।
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स्टेशन के लिए स्टाफ की नियुक्ति, बिजली वायरिंग, संपर्क मार्ग का काम अभी भी अधूरा है। पिछले करीब ढाई साल से जनहित की यह महत्वपूर्ण परियोजना लटकी पड़ी है। इस स्टेशन का संचालन न होने से घोरावल से चलने वाली सरकारी बसें मुक्खा मोड़ अथवा बाईपास मार्ग से आवागमन करती हैं। इससे लोगों को बसों की समय सारिणी का पता नहीं चल पाता है। इसके संचालन न होने से यहां पर्याप्त संख्या में रोडवेज बसें नही चलतीं। लोगों ने रोडवेज बस स्टेशन को जल्द संचालित कराने, घोरावल से होकर जाने वाली रोडवेज बसों की पर्याप्त संख्या बढ़ाने की मांग की है। ताकि यहां से इलाहाबाद, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर आदि शहरों में आवागमन में लोगों को सुगमता हो सके। क्षेत्र के सफेदलाल बैसवार, प्रमोद अग्रहरि, नितिन मोदनवाल, राजकुमार गुप्ता, संदीप दूबे का कहना है कि घोरावल क्षेत्र में आवागमन का भारी दबाव है। यह अनाज की बड़ी मंडी है। आस पास के जनपदों के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में यहां लोगों का आना जाना होता है। रोडवेज स्टेशन का संचालन न होने और पर्याप्त बसों के न चलने से जनता को डग्गामार गाडिय़ों में जान खतरे में डालकर सफर करना पड़ता है।
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