सोनभद्र। गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए नगर पंचायत चुर्क-गुर्मा में बन रहा आसरा आवास का कार्य धन के अभाव में पूर्ण नहीं हो सका है। वर्ष 2014-15 में करीब पौने तीन करोड़ की लागत से 60 आसरा आवास का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन बजट न मिलने के कारण आवासों का कार्यं ठप है।
बसपा सरकार की कांशीराम शहरी आवास योजना की तर्ज पर वर्ष 2012 में सपा सरकार ने आसरा आवास योजना शुरूआत की। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र में निवास करने वाले ऐसे व्यक्ति जिनके पास खुद का मकान नहीं है उन्हें आवास मुहैया कराने का निर्णय लिया गया था। शासन ने प्रत्येक आवास के लिए करीब साढ़े तीन लाख धन स्वीकृत किया था। प्रत्येक आवास में एक कमरे, शौचालय, किचन बनना है। प्रत्येक आवास के निर्माण धनराशि के अलावा लगभग एक लाख रुपये सड़क समेत अन्य कार्य कराने के लिए मंजूर किया गया था। यानि प्रत्येक आवास लगभग साढ़े लाख की लागत से बनकर तैयार होना है। आसरा योजना के तहत चुर्क में वर्ष 2014-15 में 60 आवासों का निर्माण कार्य शुरू हुआ। वर्ष 2017-18 में आवासों का कार्य पूर्ण कर गरीबों को आवंटित करना था। लेकिन सूबे में वर्ष 2017 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद शासन स्तर से आवास का कार्य कराने के लिए न के बराबर धन आवांटित होने लगा। इस नाते अभी तक आवासों का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से शासन को लगभग 60 लाख रुपये बजट भेजने के लिए पत्र भेजा गया है।