शक्तिनगर। एनसीएल खड़िया क्षेत्र में गृह मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल रिसेटेलमेंट (डीजीआर) योजना के तहत नियोजित सवा सौ से अधिक पूर्व सैनिकों ने चार माह से वेतन नहीं मिलने व साल भर से पीएफ खाते की जानकारी नहीं दिए जाने से नाराज हो शनिवार को हड़ताल पर चले गए। इससे कोयला परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई।
खड़िया कोयला क्षेत्र में आवासीय व खदान एरिया की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोल प्रबंधन ने हिमांशु रत्ना सिक्यूरिटी एजेंसी को ठेका दिया है। इसी एजेंसी के जरिए करीब 130 पूर्व सैनिक व कुछ सिविलियंस को समोयोजित किया गया है। पूर्व सैनिकों का कहना था कि वह सुरक्षा एजेंसी के जरिए करीब साल भर से कार्यरत है। फरवरी माह से उनको वेतन के नाम पर एक पाई भी नहीं मिली इसके चलतेे भूखमरी की स्थिति पैदा हो गई और पाल्यों की फीस व एडमिशन कराना मुश्किल हो गया है। पूर्व सैनिकों ने बताया कि साल भर कार्य करने के बाद भी उनको पीएफ खाते की जानकारी नहीं दी गई जबकि इस मद में कटौती लगातार की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में प्रधानमंत्री के साथ कोल प्रबंधन के अधिकारियों से पत्राचार किया गया लेकिन कोई सार्थक जबाब नहीं मिला। इससे नाराज हो कामबंद करने का निर्णय लेना पड़ा। शनिवार सुबह की पाली में सुरक्षा कर्मियों के निर्धारित स्थानों पर नहीं पहुंचने के बाद कोल परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हो गई। जानकारी के बाद कोल प्रबंधन के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रबंधन के नुमाइंदे व श्रमिक नेता भी मान मनौव्वल के लिए सुरक्षा कैंप में पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। पूर्व सैनिकों का कहना था कि लिखित आश्वासन के बिना वह कोई फैसला नहीं लेंगे। सभी का कहना था कि इससे पूर्व भी काम बंद के दौरान प्रबंधन ने कुछ वादा किया था जिस पर अमल नहीं किया गया।
पूर्व सैनिकों को वेतन नहीं मिलने व पीएफ खाते की जानकारी नहीं दिए जाने की जानकारी आई है। पूरे मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है एक दो दिन में समस्या का निस्तारण कर लिया जाएगा।
सईद गोरी, परियोजना अधिकारी, एनसीएल खडिय़ा क्षेत्र