सोनभद्र। जिले में उत्पादकता बढ़ाने के लिए नेशनल मिशन फॉर सस्टनेबल एग्रीकल्चर योजना के तहत गांवों में जोत आधारित मृदा नमूना लिया जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक न्याय पंचायत में कृषि विभाग के एक-एक प्राविधिक सहायक की तैनाती की गई है। 30 जून तक मृदा का नमूना एकत्र किया जाएगा। एक जुलाई से मृदा का परीक्षण शुरू हो जाएगा। इसके बाद कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2019 में कृषि विभाग ने करीब 43 हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का लक्ष्य रखा है।
नेशनल मिशन फॉर सस्टनेबल एग्रीकल्चर योजना के तहत सिंचित खेतों के चार बीघे पर ग्रिड और असिचिंत खेतों में 20 बीघे पर ग्रिड लेने की व्यवस्था अपनाई गई है। ग्रिड में जितने किसान शामिल होंगे उनका मृदा परीक्षण कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड मुहैया कराया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येेक ब्लॉक में एक-एक गांवों को मॉडल के रूप में भी चिन्हित कर कुल जोतों के अनुसार मिट्टी का नमूना लेकर परीक्षण करने की व्यवस्था बनाई गई है। मृदा परीक्षण का परीक्षण कर किसानों को खेतों में कितने उर्वरक का प्रयोग करें, ताकि पैदावार सही हो इसके लिए जागरूक भी किया जाएगा। जनपदीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि कहा कि वर्ष 2019 में करीब 43 हजार कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दने का लक्ष्य है। 30 जून तक राबर्ट्र्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र के जिन खेतों से मृदा का सैंपल लेना है ले लिया जाएगा। इसके बाद मृदा की जांच कर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने की प्रक्रिया शुरू होगी।