सोनभद्र। जिले में वट सावित्री पूजा का पर्व सोमवार को आस्था के साथ मनाया गया। राबटर्सगंज में सिविल लाइंस रोड पर, दंडइत बाबा मंदिर परिसर और नगरपालिका पार्क में व्रती महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। कच्चा सूत लपेटते हुए फेरे लगाए और पति के लंबी उम्र की कामना की।
दुद्धी: कस्बे में सुबह सात बजे से ही पीडब्लूडी गेस्ट हाउस परिसर स्थित वट वृक्ष पर महिलाओं का पहुंचना शुरू हो गया। धागा लपेटकर विधि विधान से वट की पूजा की गई। सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और एक दूसरे की मांगों में सिंदूर लगाकर पति की लंबी उम्र की कामना की। बताया गया कि इसी दिन सावित्री ने पति सत्यवान के प्राण यमराज से बचाए थे।
विंढमगंज: सुबह से ही क्षेत्र में वट सावित्री पूजा को लेकर उत्साह बना रहा। मां काली मंदिर के ठीक सामने विशाल वटवृक्ष के नीचे पुजारी राजू रंजन तिवारी के वट सावित्री की पूजा करवाई। सावित्री-सत्यवान की कथा सुनाई। पुजारी राजू रंजन का कहना था कि इस व्रत को किरवा चौथ के समान माना जाता है। इसी व्रत को संपन्न कर सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे। जो भी महिला इस व्रत को करती है, उसके पति पर आए संकट दूर हो जाते हैं। बताया कि वट वृक्ष में भगवान ब्रह्मा, भगवान श्रीहरि विष्णु और भगवान शिव शंकर का वास होता है। इस कारण वट वृक्ष की पूजा करने से शनि मंगल राहु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं। अखंड सौभाग्य और उन्नति की प्राप्ति होती है।