फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वृद्घ को 11 साल बाद भी नहीं मिला जमीन पर कब्जा

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
घोरावल। एक तरफ जहां शासन गरीबों के कल्याण व उनके साथ न्याय करने को अपना प्रमुख एजेंडा बताती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हालत बिल्कुल जुदा है। अब भी गरीबों को न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ती है। इसका उदाहरण हैं घोरावल कोतवाली क्षेत्र निवासी 75 वर्षीय वृद्ध भुलई केवट, जो बेहद गरीब हैं और अपने पट्टे की जमीन पाने के लिए हाकिमों के दर पर न्याय की गुहार लगा रहा है।
विज्ञापन

कोरट निवासी भुलई केवट पुत्र साधु गरीब व्यक्ति है। वह गांव में ही किसी के द्वारा दिए गए मड़ई में अपने बेटे व बहू के साथ रहता था। सरकार ने वर्ष 2007 में उसे आवास के लिए तीन बिस्वा जमीन का पट्टा किया। लेकिन वह जमीन अब तक उसे नही मिल सकी। भुलई ने बताया कि पिछले साल दूसरे की जमीन में बनी उसकी मड़ई गिर पड़ी। उसके बाद उसने पट्टा की जमीन में मड़ई लगाकर रहने लगा। मड़ई लगाने के एक महीने बाद ही गांव क कुछ लोगों ने उन्हें वहां से हटा दिया। उनका सामान फेकवा दिया। उसकी शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम शादाब असलम ने उसे जमीन पर कब्जा दिला दिया। चार माह रहने के बाद फिर उसे लोगों ने वहां से भगा दिया। इसके बाद भुलई ने कई बार अधिकारियों से लेकर थाने तक में शिकायत की लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। इस संबंध में एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें