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मातृ शक्तियों का प्रारंभ से ही रहा है गौरवशाली इतिहास

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चोपन। आर्य शिशु मंदिर में विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत की ओर से चल रहे आठ दिवसीय मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी के प्रांतीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का समापन शनिवार की रात हो गया। यहां मुख्य वक्ता विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीय ने कहा कि मातृ शक्तियों का प्रारंभ काल से गौरवशाली इतिहास रहा है। चाहे मां काली, मां चंडी, मां दुर्गा के वेष में निश्चरो का वध रहा हो या प्रथम स्वतंत्र संग्राम में महारानी लक्ष्मी बाई का विशिष्ट योगदान। तमाम मातृ शक्तियां मां दुर्गा के वेश में देश के अंदर ऐतिहासिक कार्य कर रही हैं। वह परंपरा आगे बढ़े इसी के लिए विश्व हिंदू परिषद के द्वारा मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का प्रत्येक वर्ष शौर्य प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि मजारों का देश भारत को नहीं बनने दिया जाएगा। मजारों की खेती करने वाले लोगों को चिन्हित करके उन्हें रोका जाएगा। चाहे वह जिस प्रकार से माने बजरंग दल के बजरंगी, दुर्गा वाहिनी हिंदू समाज के सहयोग से उन्हें रोकने के लिए हर स्तर का प्रयास करेंगी। छत्तीसगढ़ से आई शिक्षिकाओं का सम्मान दुर्गा वाहिनी की प्रांत संयोजिकारीता सिंह ने किया। वर्ग के व्यवस्था प्रमुख जनार्दन प्रसाद ने शिक्षिकाओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। यहां गिरीवासी वनवासी सेवा प्रकल्प के उपाध्यक्ष विद्या शंकर पांडे, प्रदीप अग्रवाल ने मुख्य वक्ता को अंग वस्त्र भेंट किया। यहां नरसिंह त्रिपाठी ने अध्यक्षता व संचालन प्रांत सह संयोजिका दिव्या ने किया। इस दौरान आनंद सिंह, सतीष पाठक, संदीप जायसवाल, रिंकू, दिनेश रावत, राजेश अग्रहरी, जगमंदर अग्रवाल, सत्यदेव पाठक, अरविंद सिंह मौजूद रहे।
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