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नदी-नाले व तालाबो के सुखने से उर्जान्चल में जल संकट गहराया

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अनपरा। भीषण गर्मी के बीच ऊर्जांचल में स्थित तालाब, नदी व नालों के सूखने से भीषण जल संकट उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र के कई हिस्से बूंद-बूंद पानी को मोहताज हो गए हैं। ग्राम पंचायत अनपरा व परासी, पिपरी सोनवानी, डिबुलगंज, मुड़ीसेमर, लोझरा, मेडऱदह, खजुरा, रणहोर आदि स्थानों पर लाखों रुपए खर्च कर बने सरकारी तालाब व नदी-नाले भीषण गर्मी के बीच सूख गये हैं। जिससे पानी की कमी से जुझ रहे ग्रामीणों सहित पशु-पक्षी भी बेहाल है। विगत कई वर्षों से बरसात में लगातार आ रही कमी इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है।
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सबसे अधिक परेशानी भाठ क्षेत्र स्थित ग्राम सभाओं को उठाना पड़ रहा है। जहां सुबह सबेरे के साथ ही परिवार के महिला, पुरूष व बच्चें पानी की तलाश में कोसो दूरी तय करने को मजबूर है। पानी की कमी का असर सिर्फ ग्रामीणों तक ही सिमित नहीं है पशु-पक्षी भी पानी के लिए दर-दर भटने को मजबूर है। जिन ग्रामीणों के पास गाय व भैंस जैसे पशु है वे अपनी पशुओं की प्यास बुझाने के लिए एक माह पूर्व से ही रिहंद जलाशय के किनारों पर डेरा जमा चुके है। लोगों को कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी ग्राम सभाओं के सभी टोलों तक पानी नहीं पहुच पा रहा है। ग्राम प्रधान एकाध टोला में पानी का टैंकर भेजवाकर खानापूर्ति करने में लगे है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को प्यासे रह कर भुगतना पड़ रहा है। पानी की किल्लत से जुझ रहे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए पानी उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
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