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पुस्तक भंडारण में घिरता दिख प्रधानाध्यापक को कर दिया निलंबित

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सोनभद्र। जिले में पिछले दिनों आए नोडल अधिकारी डा. सेंथिल पांडियन के निरीक्षण में प्राथमिक विद्यालय मल्टीस्टोरी राबटर्सगंज के शिक्षण कक्ष में पुस्तक (कार्यपुस्तिका) भरा पाए जाने के मामले में घिरता देेख बेसिक शिक्षा महकमे की तरफ से प्रधानाध्यापक गायत्री त्रिपाठी को निलंबित कर दिया गया है। चार माह पूर्व किताबें विद्यार्थियों में वितरण के लिए आई थीं, जिसे महकमे के लोगों ने यहां भंडार करके रखा हुआ था। पीड़िता ने कार्रवाई को गलत बताते हुए जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उधर, सदर विधायक भूपेश चौबे ने प्रकरण में बीएसए से जानकारी मांगने के साथ ही, शिक्षिका को अविलंब बहाल न करने पर मामले से शासन को अवगत कराने की हिदायत दी है।
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12 दिन पूर्व नोडल अधिकारी एवं राज्य विद्युत उत्पादन निगम के एमडी सी पांडियन जिले के दौरे पर आए थे। विकास कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद डीएम अमित कुमार सिंह के साथ प्राथमिक विद्यालय मल्टीस्टोरी का निरीक्षण करने पहुंच गए। वहां देखा कि बच्चे बाहर पढ़ रहे हैं और शिक्षण कक्ष में ताला बंद है। इस पर डीएम ने प्रधानाध्यापक गायत्री से जानकारी चाही तो उन्होंने कमरों में पुस्तक रखे जाने की जानकारी दी। इस पर वहां मौजूद लोगों ने कई महीने से पुस्तक रखे जाने की बात बताई। बताते हैं कि इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल उसे वितरित कराने का निर्देश दिया। डीएम से भी इसकी निगरानी बनाए रखने और अगले दौरे में वस्तुस्थिति से अवगत कराने को कहा। लोगों का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए नोडल अधिकारी के निरीक्षण के बाद बीएसए विभाग से टीम विद्यालय के निरीक्षण के लिए भेज दी गई। पीड़िता गायत्री का कहना है कि जिला समन्वयक और एनपीआरसी की टीम ने रजिस्टर में अंकन के मुकाबले छात्रों की कम उपस्थिति, नोडल अधिकारी को गुमराह करने की सूचना देने की रिपोर्ट प्रेषित कर दी और इसी को आधार बनाकर उसे निलंबित कर दिया गया। जबकि ऐसा नहीं था। पीड़िता ने शनिवार को सदर विधायक एवं संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सदस्य भूपेश चौबे को प्रार्थनापत्र देकर हस्तक्षेप की गुहार भी लगाई।

काफी गंभीर मसला है। मैंने खुद बीएसए से बात की है। उन्होंने जल्द प्रधानाध्यापक को बहाल करने की बात कही है। अगर गायत्री के साथ न्याय नहीं किया गया तो वह प्रकरण से शासन को अवगत कराएंगे।
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भूपेश चौबे, विधायक राबटर्सगंज

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अनियमितता पाई गई थी, इसी कारण गायत्री देवी को निलंबित किया गया है। जहां तक शिक्षण कक्ष में पुस्तकें रखें जाने की बात है, तो वह कई माह पूर्व नहीं दिसंबर में लाकर रखा गया था।
डा. गोरखनाथ पटेल, बीएसए सोनभद्र।

मैंने खुद निरीक्षण के दौरान देखा था कि शिक्षण कक्ष में पुस्तकें रखी हुई हैं। बीएसए द्वारा बताया गया था कि किताबें देर से मिलीं, इसलिए वितरित नहीं हो पाईं। मैंने उसे एक से दो दिन में वितरित करवाने और डीएम से इसकी निगरानी करने को कहा था। इसमें मुझे गुमराह करने की बात कहां से आ गई? इस आधार पर प्रधानाध्यापक को कैंसे निलंबित कर दिया गया? इस बारे डीएम से जानकारी मंगा रहे हैं।
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डा. सैंथिल पांडियन, नोडल अधिकारी सोनभद्र।
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