सोनभद्र। बिजली विभाग में कार्यरत कुछ निजी कंपनियों के कर्मियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने कंपनी पर कई माह का मानदेय न देने का आरोप मढ़ा। इसके बाद जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शनकर्ताओं ने कहा कि बिजली विभाग में काम करने वाली विभिन्न कंपनियों में संविदा पर काम करने वाले कई कर्मियों का दो से पांच का मानेदय नहीं मिला है। कहा कि पूर्व में काम करने वाली कंपनियों के चले जाने के बाद वर्तमान में जो कंपनी आई है वह सिक्योरिटी के रूप में 10 हजार की डीडी मांग रही है। उन्होंने अपनी समस्या की ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समाधान कराने की मांग की है। प्रदर्शन में अरविंद पांडेय, अजय कुमार, अजीजुल रहमान, धीरेद्र, दिलीप कुमार, रिजवान अहमद, कृष्ण कुमार, कार्तिक सिंह, रामबाबू, श्रावण कुमार सोनी, अजय, पंकज कुमार, श्यामलाल आदि रहे।
लो वोल्टेज व ट्रिपिंग से उपभोक्ताओं में आक्रोश
जर्जर उपकरण व लटके तार विद्युत आपूर्ति में बन रहे बाधक
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। कोन क्षेत्र में जर्जर उपकरण और जगह-जगह लटके तार बिजली आपूर्ति में बाधक बन रहे हैं। उपभोक्ताओं को इसकी वजह से लो वोल्टेज और हर दिन ट्रिपिंग का सामना करना पड़ रहा है। घंटों आपूर्ति भी ठप रहती है। जिससे उपभोक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
पीसीएल ने ग्रामीण क्षेत्रों के बिल में पहले की अपेक्षा दोगुने का इजाफा कर दिया है लेकिन उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल रही है। कोन सब स्टेशन से जुड़े उपभोक्ता एक वर्ष से लो-वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या से जुझ रहे हैं। उपभोक्ताओं के इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रानिक्स उपकरण जलने से वे दोहरी मार झेल रहे हैं। इसके बावजूद पीसीएल सुधार के लिए कोई ठोस उपाय नहीं कर रहा है। ग्रामीण सुरेश, महेश, दिनेश, आनन्दव बबलू का कहना है कि सब स्टेशन के ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड है। इसके अलावा पुराने जर्जर तार सोने पर सुहागा साबित हो रहे। यह भी बताया कि सब स्टेशन में मशीनों से आए दिन ट्रिपिंग हो रही है।
कचनरवा सब स्टेशन नहीं हुआ चालू
ग्रामीणों का कहना है कि कटौती के खिलाफ पूर्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल पीसीएल के अधिकारियों से मिला था अफसरों का कहना था कि कचनरवा सब स्टेशन चालू हो जाने पर कोन में बिजली आपूर्ति में सुधार हो जाएगा लेकिन लगभग एक वर्ष व्यतीत होने के बावजूद कचनरवा सब स्टेशन शुरू नहीं किया गया। जिससे ग्रामीणों की समस्या बनी हुई है।
किसान हो रहे प्रभावित
लो-वोल्टेड व ट्रिपिंग के चलते किसान सबसे ज्यादा प्रभावित है। परदेशी, हरिहर का कहना है वे प्रतिमाह बिजली के बिल का भुगतान कर रहे है लेकिन जब-जब धान में पानी देने का समय आता है तो उस वक्त लो वोल्टेज के कारण मोटर नहीं चल पाती है। ट्रिपिंग से मोटर जलने की भी समस्या बनी रहती है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठीक कराए जाने की मांग जिलाधिकारी से की है।