शक्तिनगर। दो माह तक लापता रहे टैंकर में मौजूद डीजल का नमूना जांच के लिए भोपाल भेजा जाएगा। बुधवार दोपहर बात इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के अधिकारियों ने बाहर खड़े टैंकर को डिपो के अंदर कर पड़ताल शुरू कर दी है।
जयंत स्थित तेल डिपो में टैंकर रविवार को पहुंचा था लेकिन अधिकारियों ने बिना औपचारिकता उसे अंदर लेने से इंकार कर दिया। कागजी कोरम पूरा होने के बाद बुधवार शाम करीब साढ़े तीन बजे टैंकर को अंदर कराने के बाद उसमे मौजूद डीजल की मात्रा व गुणवत्ता आदि की परख शुरू कर दी गई। बताया जा रहा है कि डिपो में विधिवत जांच के लिए उपकरणों की मौजूदगी नहीं है। इसी के चलते टैंकर में मौजूद तेल के नमूने को जांच के लिए बाहर भेजा जाएगा। 20 हजार लीटर क्षमता के टैंकर में चार कंपार्टमेंट है इौर सभी के अलग-अलग नमूने लिए जाएंगे। जांच के दौरान डिपो से निकासी के दौरान जारी चालान पर्ची से तेल की मौजूदा डेनसिटी को परखा जाएगा। इसी के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं आईओसीएल के अधिकारियों ने आंतरिक मामला बताते हुए कुछ कहने से इंकार कर दिया। बताते चले कि बीते 15 अपै्रल को जयंत डिपो से 20 हजार लीटर डीजल लेकर जेपी मिनरल्स के मझौली प्रोजेक्ट के लिए निकला टैंकर एमपी 66 एच 0152 दो माह बाद भी नहीं पहुंचा। मामला सार्वजनिक होने के बाद टैंकर उजागर तो हुआ लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका कि उसमे कितना डीजल मौजूद है और उसकी गुणवत्ता क्या है।