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398 गांवों में पानी के लिए मचा हाहाकार

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प्रचंड धूप और भीषण गर्मी के चलते जिले में तेजी से खिसक रहे जलस्तर से 398 गांवों में पानी का संकट गहरा गया है। इन गांवों में लगे 55 सौ हैंडपंपों ने पानी छोड़ दिया है। लोग पेयजल के लिए खासे परेशान हैं। यह हाल तब है जब जल निगम विभाग 500 टैंकरों से पेयजलापूर्ति करवा रहा है। ऐसे में भाट इलाकों के रहवासी चुआड़ के पानी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
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जल निगम से मिली जानकारी के अनुसार राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील के 637 ग्राम पंचायतों में 39714 हैंडपंप लगाए गए हैं। लेकिन वर्तमान में गर्मी के चलतेे लोढ़ी, उरमौरा, चुर्क, मुसही, रौप, भेलाही मचोलवा, ऐलाही, जुगैल, कनछ, कन्हौरा, बसुहारी, पोखरिया, चननी, सोढ़ा, दुपटिया, महुली, चेरूई, कन्हौरा, चाची, गोटीबांध, सिलथम, पटना समेत लगभग 398 गांवों में लगे 55 सौ हैंडपंपों ने पानी उगलना बंद कर दिया है। सर्वाधिक पहाड़ी क्षेत्रों के हैंडपंपों ड्राई हो गए हैं। इस क्षेत्र के रहवासियों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। पेयजलापूर्ति कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा भी फूटने लगा है। वहीं जल निगम के एक्सईएन फणींद्र राय ने कहा कि पानी की समस्या से जूझ रहे 398 गांवों के ग्रामीणों को लगभग पांच सौ टैंकरों से पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। दावा किया कि जरूरत के अनुसार ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। कहा कि कई ग्राम पंचायतों द्वारा भी टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराई जा रही है।
कोट-
प्रधान और सेक्रेटरियों के माध्यम से पानी छोड़ चुके हैंडपंपों की मरम्मत करवाई जा रही है। जरूरत पडने पर रिबोर भी करवाया जा रहा है। अभी तक लगभग 1200 हैंडपंपों का रिबोर कराया जा चुका है। -आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी
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पानी के लिए सड़क पर उतर रही जनता
पिछले दिनों उरमौरा में टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया था। जिला प्रशासन ने सभी बीडीओ को जिन ग्राम पंचायतों में पानी की समस्या है वहां के प्रधानों एवं सेक्रेटरियों और जल निगम से संपर्क कर टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने का निर्देश दिया है।
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