जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. पीबी गौतम ने बताया कि रिसर्च में यह सामने आया है कि तंबाकू का सेवन करने वालों में जीन में भी आंशिक परिवर्तन होते हैं। जिससे केवल उस व्यक्ति में ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों में भी कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके साथ ही इन उत्पादों के सेवन से जहां पुरुषों में नपुंसकता बढ़ रही है, वहीं महिलाओं में प्रजनन क्षमता भी कम होती जा रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि पुरुषों में 50 प्रतिशत और स्त्रियों में 25 प्रतिशत कैंसर की वजह तंबाकू है। इनमें से 90 प्रतिशत में मुंह का कैंसर शामिल है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आज के दिन विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसकी रोकथाम के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों से होने वाली बीमारियों और मौतों की रोकथाम को ध्यान में रखकर इस वर्ष विकास में बाधक तंबाकू उत्पाद शीर्षक नाम दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार एक सिगरेट जिंदगी के 11 मिनट व पूरा पैकेट तीन घंटे चालीस मिनट तक छीन लेता है। तंबाकू व धूम्रपान उत्पादों के सेवन से देशभर में प्रति घंटा 137 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। वहीं दुनिया में प्रति 6 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है। महिलाओं के बीच तंबाकू का सेवन निरंतर बढ़ता जा रहा है। इनमें किशोर व किशोरियां भी शामिल हैं।
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सरकार है उदासीन
राज्य सरकार को इस प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर रोक लगा देना चाहिए जो जिनके कारण प्रतिवर्ष लाखों लोगों की जान जा रही है। ये सभी मौतें कई परिवारों को उजाड़ देती है, वहीं सरकारों को भी इनके स्वास्थ्य पर लाखों रुपये खर्च करने पड़े हैं। राबट्रर्सगंज के उरमौरा निवासी शिक्षक व मादक पदार्थ निव्यसन केंद्र सलखन से पूर्व में जुड़े कृष्ण कुमार शुक्ला ने कहा कि तंबाकू निषेध दिवस पर हम सबको तंबाकू उत्पादों को अलविदा कहने का संकल्प लेना चाहिए।
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कार्यक्रम आज होगा
सिंगरौली। विश्व तंबाकू एवं धूम्रपान निषेध दिवस पर गुरुवार को जिला मुख्यालय पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य युवाओं, छात्र-छात्राओं में बढ़ती हुई तंबाकू सेवन, धूम्रपान की प्रवृत्ति की रोकथाम करना है।