सोनभद्र। विद्युत विभाग ने विद्युत बिल के बकायेदार कई विभागों के खिलाफ शुक्रवार से कार्रवाई शुरू कर दी। विभाग ने खनन अधिकारी कार्यालय, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय, सिंचाई विभाग कार्यालय और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग कार्यालय की लाइन काट दी। इससे इन कार्यालयों में आपूर्ति ठप हो गई है और कामकाज प्रभावित हो गया है। विभाग ने विभिन्न विभागों से करीब 17 लाख रुपये बकाया विद्युत बिल वसूल किया है।
विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज के अधिशासी अभियंता राजेंद्र प्रसाद पटेल शुक्रवार की सुबह एसडीओ अनिल कुमार, अजय कुमार सिंह, जेई सतीश यादव, अक्षय यादव, सियाराम सिंह, टीजी टू रंजन शर्मा और विभागीय टीम के साथ सबसे पहले मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां 35 लाख 60 हजार रुपये विद्युत बिल बकाया है। पीडल्यूडी का 50 लाख, एसएमआई का 21 लाख और एक्सईएन बंधी प्रखंड का नौ लाख रुपये बकाया है। इन सभी की बिजली आपूर्ति काट दी गई। एक्सईएन विद्युत ने बताया कि सिंचाई विभाग 80 लाख, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय का चार लाख 89 हजार, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग का साढ़े नौ लाख और खनन विभाग का पांच लाख रुपये बकाया था। इन विभागों बकाया नहीं जमा किया। इस पर इनकी बिजली काट दी गई। इसी के साथ अंचल प्रशिक्षण केंद्र की बिजली भी काटी गई है। उन्होंने बताया कि विकास भवन का एक करोड़ 15 लाख रुपये बकाया है। यहां से 11 लाख जमा हुए और छह लाख रुपये शनिवार को देने का भरोसा दिया गया। कलेक्ट्रेट का 24 लाख बकाया है और आठ लाख रुपये मिला। एआरटीओ दफ्तर का चार लाख 53 हजार बकाया है। एआरटीओ ने चार लाख तीन हजार का चेक दिया। डीएफओ दफ्तर का 30 लाख बकाया है। यहां से डेढ़ लाख रुपये मिला। एक लाख शनिवार को मिलेगा। इसलिए इन विभागों की बिजली नहीं काटी गई है। यदि जल्द इनका बकाया नहीं मिला तो बिजली काट दी जाएगी।