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725 वितरण प्रणाली की दुकानों पर नहीं लगी मशीनें

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सोनभद्र। सरकार ने अनाज वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए सस्ते गल्ले की दुकानों पर ई-पास मशीन लगाने का निर्देश दिया है। लेकिन अभी तक जिले के 829 वितरण प्रणाली की दुकानों में से महज शहरी क्षेत्र के 67 दुकानों पर ही मशीनें लग सकी हैं। जबकि सरकार ने मशीनों में लाभार्थी का थंब इंप्रेशन लेने के बाद अनाज देने की व्यवस्था की है। लेकिन कई कोटेदारों ने ई-पास मशीन की भी काट निकाल ली। एक राशनकार्ड धारक का आधार नंबर कई उपभोक्ताओं के नाम दर्ज कर अनाज का घोटाला कर रहे हैं।
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जिले में करीब 829 वितरण प्रणाली की दुकानें है। नक्सल-दुरूह क्षेत्रों के अधिकांश कोटेदार अनाज की कलाबाजारी कर रहे हैं। क्योंकि कोटेदार अपने पास ही अधिकत्तर राशन कार्ड रखे हुए हैं। इसको लेकर अक्सर किसी न किसी गांव के ग्रामीण तहसील, कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करते रहते है। हालांकि अनाज की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने कोटे की दुकानों पर ई-पास मशीन लगाने का निर्देश दिया है। इस मशीनों में लाभार्थियों का थंब इंप्रेशन लेने के बाद उन्हें अनाज दिया जाना है। लेकिन अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों के एक भी कोटे की दुकानों पर ई-पास मशीनें नहीं लगी है। इससे सरकार की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। इस संबंध में जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के 67 कोटे की दुकानों पर ई-पास मशीन लग गई है। शासन स्तर से ग्रामीण क्षेत्रों के दुकानों पर ई-पास मशीन लगाने के लिए कार्यदायी संस्था नामित कर दी गई है। संस्था जल्द ही मशीनों के लगाने का कार्य शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जिले के कोटेदार ने ई-पास मशीन की काट निकाल कर अनाज का घोटाला नहीं कर कर रहे हैं। अन्य जनपदों के कुछ कोटेदारों द्वारा ई-पास मशीनों में गड़बड़ी करने का मामला प्रकाश में आया था। जिसकी शासन स्तर से जांच की जा रही है।
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